मुंबई: भारतीय टेलीविजन की दुनिया में एकता कपूर का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दर्शकों की पसंद को समझने की क्षमता के दम पर मनोरंजन जगत में खास मुकाम हासिल किया है। आज उन्हें टीवी इंडस्ट्री की ‘टीआरपी क्वीन’ के रूप में जाना जाता है, लेकिन इस सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष, त्याग और काम के प्रति उनका जुनून छिपा है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान एकता कपूर ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने काम को अपनी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बना लिया था।
17 साल की उम्र में शुरू किया करियर
एकता कपूर ने महज 17 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी। मशहूर अभिनेता जितेंद्र और शोभा कपूर की बेटी होने के बावजूद उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत की। परिवार के सहयोग से उन्होंने प्रोडक्शन की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे टेलीविजन की कहानियों तथा दर्शकों की पसंद को समझने में महारत हासिल की।
उनकी खासियत यह रही कि वह अपने कार्यक्रमों की कहानी, किरदारों और हर एपिसोड पर बारीकी से नजर रखती थीं। यही वजह है कि उनके बनाए कई धारावाहिक लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे।
छह महीने तक ऑफिस में ही बिताया समय
एकता कपूर ने अपने शुरुआती संघर्ष के बारे में बताते हुए खुलासा किया कि काम के प्रति उनका जुनून इतना अधिक था कि वह करीब छह महीने तक घर नहीं लौटीं। वह अपना ज्यादातर समय ऑफिस में ही बिताती थीं और वहीं सो जाती थीं। जरूरत पड़ने पर केवल नहाने या एक-दो घंटे आराम करने के लिए घर जातीं और फिर वापस काम पर लौट आती थीं।
उन्होंने बताया कि ऑफिस में उनका टूथब्रश तक रखा रहता था। वह अपने प्रोड्यूस किए गए कार्यक्रमों के सभी एपिसोड देखती थीं और इस बात पर ध्यान देती थीं कि कहानी किस दिशा में आगे बढ़ रही है। इस व्यस्त दिनचर्या में उनकी निजी जिंदगी के लिए बहुत कम समय बचता था। हालांकि, एकता के मुताबिक उन्हें अपने काम में खुशी मिलती थी और वह इसे बोझ नहीं, बल्कि अपने जुनून के रूप में देखती थीं।
मां ने फूलों से किया बेटी का स्वागत
एकता कपूर ने अपनी मां शोभा कपूर से जुड़ा एक भावुक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक काम में व्यस्त रहने के बाद एक दिन उन्होंने घर फोन करके कहा कि वह रात करीब 11 बजे सोने के लिए घर आएंगी।
उनकी मां ने इस छोटी-सी बात को भी खास बना दिया। घर लौटने पर एकता का स्वागत फूलों की बारिश के साथ किया गया। यह घटना उनके लिए यादगार रही, क्योंकि लगातार काम में डूबी रहने के दौरान परिवार के साथ बिताया गया समय उनके लिए बेहद खास बन गया था।
कई लोकप्रिय धारावाहिकों से बनाई पहचान
एकता कपूर ने अपने करियर में 130 से अधिक टेलीविजन धारावाहिकों का निर्माण किया है। उनके प्रोडक्शन से जुड़े कई कार्यक्रम भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बने। ‘हम पांच’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘कहानी घर घर की’, ‘कसौटी जिंदगी की’ और ‘पवित्र रिश्ता’ जैसे धारावाहिकों ने उन्हें व्यापक लोकप्रियता दिलाई।
परिवार के साथ शुरू की गई उनकी प्रोडक्शन कंपनी ने भी मनोरंजन उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई। एकता की यात्रा यह दिखाती है कि सफलता के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन, निरंतर मेहनत और अपने काम के प्रति समर्पण भी जरूरी है।
आज एकता कपूर की पहचान केवल एक प्रसिद्ध निर्माता के रूप में नहीं, बल्कि ऐसी महिला उद्यमी के रूप में भी है, जिन्होंने टेलीविजन की कहानियों और प्रस्तुति को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। उनके संघर्ष के शुरुआती दिनों की कहानी बताती है कि बड़ी उपलब्धियों के पीछे अक्सर ऐसे त्याग होते हैं, जिनके बारे में दुनिया को बहुत बाद में पता चलता है।

