12 Oct 2026, Mon

पाकिस्तानी सेना का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, दो पालयटों की मौत

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के पास सोमवार को सेना का एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान में तकनीकी खराबी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने मृतक पायलटों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

क्वेटा के पास हुआ हादसा

पाकिस्तानी सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दुर्घटना पाकिस्तान आर्मी एविएशन के मुशशक ट्रेनिंग विमान के साथ हुई। यह विमान बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के नवान किल्ली इलाके के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। घटना सोमवार दोपहर के समय हुई।

सेना के शुरुआती बयान में बताया गया कि विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद यह हादसा हुआ। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि विमान में मौजूद दोनों पायलटों की जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि, तकनीकी खराबी की वास्तविक वजह और दुर्घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट की गई जान

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पायलटों की पहचान मेजर हसनैन शहजाद हुमायूं और कैप्टन अब्दुल समद के रूप में हुई है। मेजर हसनैन शहजाद हुमायूं विमान में प्रशिक्षक की भूमिका में थे, जबकि कैप्टन अब्दुल समद प्रशिक्षु पायलट थे।

दोनों पायलट सैन्य विमानन से जुड़े प्रशिक्षण कार्य में शामिल थे। इस दुर्घटना से उनके परिवारों और सैन्य समुदाय में शोक का माहौल है। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हादसे के कारणों को लेकर तकनीकी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

हादसे की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पायलटों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए इस मुश्किल समय में उन्हें धैर्य मिलने की कामना की।

राष्ट्रपति की ओर से जारी संदेश में दोनों पायलटों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। साथ ही, उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई गई। प्रधानमंत्री ने भी इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पायलटों के प्रति दुख व्यक्त किया।

तकनीकी खराबी से जुड़े सवाल अहम

सैन्य प्रशिक्षण विमानों का इस्तेमाल पायलटों को उड़ान संबंधी कौशल और प्रक्रियाओं का अभ्यास कराने के लिए किया जाता है। ऐसे विमानों से जुड़ी दुर्घटनाओं में तकनीकी स्थिति, रखरखाव, उड़ान के दौरान सामने आई परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की जांच महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी में तकनीकी खराबी को दुर्घटना की वजह बताया गया है। हालांकि, जांच से पहले खराबी के सटीक कारण के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान में किस तरह की समस्या आई थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन में सुरक्षा और तकनीकी जांच के महत्व को सामने ला दिया है। फिलहाल सबसे बड़ी क्षति दो अनुभवी और प्रशिक्षण से जुड़े पायलटों की मौत है। उनके निधन से दोनों परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है, जबकि देश के शीर्ष नेतृत्व ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

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