20 Aug 2026, Thu

10 की उम्र में ही पर्दे पर छा गए थे थलापति विजय, 1984 में ही शुरू हो गया था सुपरस्टार बनने का सफर

मुंबई। दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपनी दमदार एक्टिंग, डांस और जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने दुनियाभर में करोड़ों फैंस बनाए हैं। फिल्मों में लंबी और सफल पारी खेलने के बाद विजय अब राजनीति में भी सक्रिय हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका फिल्मी सफर बतौर हीरो नहीं, बल्कि एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर शुरू हुआ था।

10 साल की उम्र में शुरू किया अभिनय

थलापति विजय ने महज 10 साल की उम्र में साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेत्री’ से बतौर बाल कलाकार अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। खास बात यह है कि इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता और फिल्ममेकर एस. ए. चंद्रशेखर ने किया था। इस तरह विजय का सिनेमा से पहला जुड़ाव उनके परिवार के जरिए ही हुआ।

‘वेत्री’ में काम करने के बाद विजय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। शुरुआती दौर में उन्होंने अपने पिता के निर्देशन में बनी कई फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम किया और धीरे-धीरे कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया।

पिता की फिल्मों से मिली अभिनय की ट्रेनिंग

विजय के शुरुआती करियर में उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर की अहम भूमिका रही। उन्होंने अपने पिता के निर्देशन में कई फिल्मों में काम किया। इनमें ‘कुडुंबम’, ‘नान सिगप्पु मनिथन’, ‘वसंत रागम’, ‘सट्टम ओरु विलायाट्टू’, ‘इधु एंगल नीधि’ और ‘सेंदूरपांडी’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

इसके बाद विजय ने बतौर मुख्य अभिनेता अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की। शुरुआती संघर्ष और लगातार काम करने के अनुभव ने उन्हें आगे चलकर एक बड़े स्टार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुपरस्टार बनने तक का सफर

मुख्य अभिनेता के तौर पर विजय ने कई ऐसी फिल्में दीं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया। ‘घिल्ली’, ‘पोक्किरी’, ‘थुप्पाक्की’, ‘कथ्थी’, ‘थेरी’, ‘बिगिल’, ‘मर्सल’, ‘मास्टर’, ‘लियो’ और ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को देश और विदेश तक पहुंचाया।

विजय की फिल्मों में एक्शन, इमोशन, रोमांस और सामाजिक मुद्दों का मिश्रण देखने को मिलता रहा है। यही वजह है कि उनकी फिल्मों का इंतजार सिर्फ तमिल दर्शक ही नहीं, बल्कि देशभर के सिनेमा प्रेमी करते हैं।

अब राजनीति में नई पारी

फिल्मों में शानदार करियर के बाद विजय ने राजनीति की ओर भी कदम बढ़ाया है। अभिनेता से नेता बने विजय अब अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी लोकप्रियता और विशाल फैन फॉलोइंग को देखते हुए उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर भी लोगों की नजर बनी रहती है।

बेटे जेसन संजय की भी सिनेमा में एंट्री

विजय की अगली पीढ़ी भी अब सिनेमा से जुड़ने की तैयारी में है। उनके बेटे जेसन संजय बतौर निर्देशक फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। उनकी पहली फिल्म ‘सिग्मा’ में संदीप किशन, फारिया अब्दुल्ला, राजू सुंदरम, संपत राज और शिव पंडित जैसे कलाकार नजर आएंगे।

इस तरह जिस फिल्मी सफर की शुरुआत विजय ने महज 10 साल की उम्र में अपने पिता की फिल्म से की थी, अब उसी परिवार की अगली पीढ़ी भी सिनेमा में अपनी पहचान बनाने की तैयारी कर रही है। चाइल्ड आर्टिस्ट से सुपरस्टार और फिर नेता बनने तक विजय का सफर भारतीय सिनेमा की सबसे दिलचस्प यात्राओं में से एक माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *