अजनाला थाने पर हमले के मामले में अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी की तैयारी, पंजाब पुलिस डिब्रूगढ़ पहुंची
खडूर साहिब से सांसद और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद अब पंजाब पुलिस उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के लिए असम के डिब्रूगढ़ पहुंच गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक विशेष टीम, जिसका नेतृत्व अमृतसर (ग्रामीण) के पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, 19 अप्रैल से ही डिब्रूगढ़ में डेरा डाले हुए है। यह कार्रवाई फरवरी 2023 में अजनाला थाना हमले से जुड़े मामले में की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने 2023 में अमृतसर के बाहरी इलाके में स्थित अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला किया था। आरोपों के अनुसार, अमृतपाल के सशस्त्र समर्थक बैरिकेड्स तोड़कर थाने में घुस गए थे और अपने एक साथी की रिहाई की मांग को लेकर पुलिस से भिड़ गए थे।
इस घटना के बाद अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को पंजाब के मोगा जिले से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से उन्हें असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में रासुका के तहत रखा गया है।
डिब्रूगढ़ जेल में ही रहेंगे अमृतपाल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक गिरफ्तारी के बाद भी अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में ही रखा जाएगा। उन्हें सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पंजाब नहीं लाया जाएगा।
पंजाब सरकार ने भी अदालत में दलील दी थी कि अमृतपाल की मौजूदगी राज्य में शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है, जिसके चलते उन्हें असम में ही रखा गया है।
हाईकोर्ट का फैसला
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस को अमृतपाल सिंह को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की अनुमति दी है। साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि इस मामले की सभी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए, ताकि अमृतपाल को अदालत में शारीरिक रूप से पेश न करना पड़े।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद अब अजनाला थाना हमले के मामले में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जिसमें अमृतपाल सिंह मुख्य आरोपी हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले की सुनवाई शुरू की जाएगी।
फिलहाल इस कार्रवाई के चलते राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में भी हलचल तेज हो गई है, और पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

