शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ना हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल अधिक होने पर धमनियों में प्लाक जमा होने का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और निर्धारित दवाओं का पालन सबसे जरूरी है। इसके साथ कुछ हर्बल चाय को भी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
‘माई एक्सपर्ट डॉक्टर’ की संस्थापक और जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शालिनी सिंह सालुंखे के अनुसार, हिबिस्कस, ग्रीन टी, दालचीनी और मेथी से तैयार चाय शरीर के मेटाबॉलिज्म और हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकती हैं। हालांकि, केवल इन्हें पीने से कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने की गारंटी नहीं है। वैज्ञानिक अध्ययनों में ग्रीन टी का एलडीएल पर मामूली असर पाया गया है, लेकिन प्राकृतिक उत्पाद कोलेस्ट्रॉल की दवाओं का विकल्प नहीं हैं।
हिबिस्कस चाय
हिबिस्कस यानी गुड़हल की चाय में पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायता कर सकते हैं। इसे ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, बैड कोलेस्ट्रॉल कम करने में इसके प्रभाव को लेकर अभी पर्याप्त और निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
हिबिस्कस चाय का स्वाद हल्का खट्टा होता है। इसे बिना चीनी के पीना बेहतर माना जाता है, क्योंकि अधिक चीनी का सेवन वजन और हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
ग्रीन टी
ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। उपलब्ध शोध के अनुसार ग्रीन टी कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कुछ हद तक कम कर सकती है। हालांकि, ज्यादातर अध्ययनों में ग्रीन टी पेय के बजाय उसके अर्क या सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया गया था। इसलिए सामान्य ग्रीन टी से होने वाले फायदे सीमित हो सकते हैं।
ग्रीन टी में कैफीन होता है, इसलिए नींद की समस्या वाले लोगों को सोने से ठीक पहले इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
दालचीनी की चाय
दालचीनी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर करने के लिए किया जाता है। कुछ अध्ययनों में विशेष रूप से टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में दालचीनी सप्लीमेंट से ट्राइग्लिसराइड्स, कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल में कमी देखी गई है। हालांकि, उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों में इसके परिणाम एक जैसे नहीं रहे हैं।
दालचीनी का अधिक मात्रा में या लंबे समय तक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।
मेथी की चाय
मेथी के बीजों में फाइबर पाया जाता है। माना जाता है कि यह भोजन से मिलने वाले फैट और कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। कुछ छोटे अध्ययनों में मेथी से ब्लड शुगर और रक्त में मौजूद फैट पर सकारात्मक असर देखा गया है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल घटाने को लेकर पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोग इन हर्बल चाय का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हर्बल उत्पाद दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। एलडीएल बढ़ा होने पर डॉक्टर से जांच और उपचार कराएं।

