सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में सोने की एक खदान अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 30 खनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसा नाना-मांबेरे प्रीफेक्चर के अब्बा इलाके में हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों के साथ बचाव दल राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए।
जानकारी के मुताबिक, यह एक पारंपरिक सोने की खदान थी, जहां खनन के दौरान आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा व्यवस्था का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किया जाता था। अचानक खदान का एक हिस्सा ढह गया, जिसके नीचे कई खनिक दब गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।
कई घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए 30 शव
हादसे में बाल-बाल बचे एक खनिक फ्लोरियन गागुएंडे ने बताया कि घटना अब्बा क्षेत्र की एक पारंपरिक खदान में हुई। उनके मुताबिक, बचावकर्मी अभी भी मलबे के अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, समय बीतने के साथ उनके जिंदा बचने की उम्मीद कम होती जा रही है।
इलाके के डिप्टी मेयर सुलेमान बी के अनुसार, बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों ने कई घंटों तक लगातार मेहनत करने के बाद खदान से 30 शव बाहर निकाले हैं। हादसे में घायल हुए कुछ खनिकों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।
डिप्टी मेयर ने हादसे को बेहद भयावह बताते हुए स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों से बचाव अभियान में मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ लोग मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सामने आए फुटेज में कई खनिक और स्थानीय लोग कीचड़ से सने नजर आ रहे हैं। कुछ लोग मलबे से शव निकालते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अन्य लोग फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। बचावकर्मी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने जताया दुख
सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के सरकारी प्रवक्ता एवरिस्ट नगामाना ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को राहत और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है।
फिलहाल बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खदान का ढांचा अचानक क्यों ढहा और सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था।

