17 Apr 2026, Fri

सुपर टाइफून Sinlaku ने अमेरिका के दूरस्थ द्वीपों पर मचाई तबाही, 240 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चली हवाएं

सुपर टाइफून ‘सिनलाकू’ का कहर, अमेरिका के द्वीपों पर भारी तबाही, हजारों लोग विस्थापित

प्रशांत महासागर में उठे भीषण सुपर टाइफून ‘सिनलाकू’ ने United States के दूरस्थ द्वीपों पर भारी तबाही मचा दी है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्री तूफान के चलते Northern Mariana Islands के सैपान और टिनियन द्वीपों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस टाइफून ने बुधवार तड़के इन द्वीपों पर हमला किया और कई घंटों तक तबाही मचाता रहा। तेज हवाओं की रफ्तार करीब 150 मील प्रति घंटा (240 किमी/घंटा) तक दर्ज की गई, जिससे टिन की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए। कई इलाकों में घरों को भारी नुकसान पहुंचा है, खासकर वे संरचनाएं जो लकड़ी और टिन से बनी थीं, लगभग पूरी तरह नष्ट हो गईं।

सैपान के निवासी ग्लेन हंटर ने इस तूफान को अपने जीवन का सबसे भयानक अनुभव बताया। उनके अनुसार, “जो भी लकड़ी या टिन से बना था, वह इस तूफान में टिक नहीं पाया। बारिश इतनी तेज थी कि कंक्रीट के घरों में भी पानी भर गया।” हालात इतने खराब थे कि लोगों को उड़ती हुई चीजों से बचने के लिए सुरक्षित ठिकानों में छिपना पड़ा।

इस टाइफून का असर केवल उत्तरी मारियाना द्वीपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Guam में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। गुआम, जहां लगभग 1.7 लाख लोग रहते हैं और जो अमेरिकी सेना के लिए एक महत्वपूर्ण ठिकाना है, वहां भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, ‘सिनलाकू’ इस साल का अब तक का सबसे शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय तूफान है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कैटेगरी 4 के स्तर का टाइफून था, जो अटलांटिक के बड़े हरिकेन के बराबर ताकत रखता है। मौसम वैज्ञानिक लैंडन एडलेट ने चेतावनी दी थी कि यह “बहुत कठिन और डरावनी रात” होगी और कई लोग सुबह उठकर अपने आसपास का बदला हुआ दृश्य देखेंगे।

स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन खराब मौसम के कारण काम में बाधाएं आ रही हैं। सैपान के मेयर ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश के बीच लोगों को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण है।

इस बीच, Federal Emergency Management Agency (FEMA) ने राहत कार्यों के लिए अपनी टीमें तैनात कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही गुआम और मारियाना द्वीपों के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी थी, जिससे राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर क्षेत्र में ऐसे टाइफून आम हैं, लेकिन अप्रैल महीने में इतने शक्तिशाली तूफान का आना असामान्य है। आने वाले दिनों में तूफान के कमजोर पड़ने की उम्मीद है, लेकिन इसके बाद भी भारी नुकसान और पुनर्वास की चुनौती लंबे समय तक बनी रह सकती है।

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