18 Aug 2026, Tue

साइबर क्राइम ब्रांच ने ‘BOSS SCAM’ का किया खुलासा, चीन-पाकिस्तान से जुड़े तार; 10 हजार से अधिक डिवाइस किए गए सुरक्षित

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत में बैठकर विदेशों में सक्रिय साइबर अपराधियों को तकनीकी और संचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा था। नेटवर्क के तार चीन और पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का इस्तेमाल हाई-प्रोफाइल ‘बॉस स्कैम’ जैसे साइबर फ्रॉड को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से सात मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड और एक राउटर बरामद किया गया है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

4,500 सिम कार्ड खरीदने का खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने साइबर अपराधों के लिए करीब 4,500 सिम कार्ड खरीदे थे। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले चार से पांच वर्षों से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे।

आरोपियों पर साइबर अपराधियों को जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल अलग-अलग देशों में बैठे अपराधियों द्वारा भारतीय और अन्य देशों के लोगों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।

इस्लामाबाद से चल रहे कॉल सेंटर से जुड़ा नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क का एक हिस्सा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से संचालित कॉल सेंटर से जुड़ा था। आरोप है कि साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लिंक और मैलवेयर के जरिए पीड़ितों को निशाना बनाया जाता था।

जांच के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता था तो उसके डिवाइस या बैंकिंग जानकारी को निशाना बनाया जाता था। इसके बाद धोखाधड़ी से पैसे ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता था।

21 हजार से ज्यादा OTP उपलब्ध कराने का दावा

इस पूरे नेटवर्क में OTP की भूमिका भी बेहद अहम बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अब तक करीब 21,000 OTP साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए। इसके बदले उन्हें प्रत्येक OTP के लिए लगभग 100 रुपये मिलते थे।

पुलिस का कहना है कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने अपनी गतिविधियों को एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया था। इससे पता चलता है कि गिरोह लगातार अपनी कार्यप्रणाली बदल रहा था।

26 राज्यों में 251 शिकायतों से जुड़े तार

जांच में यह भी पता चला है कि इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 26 राज्यों में 251 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से करीब 10,000 लैपटॉप और मोबाइल डिवाइस जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क की फंडिंग तथा संचालन व्यवस्था का पता लगाने की कोशिश जारी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

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