पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट झेलने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार सुबह शानदार वापसी की। डोनाल्ड ट्रंप के बयान और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बुधवार को बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर एक बार फिर रौनक लौट आई और सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
कारोबार की शुरुआत होते ही बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 430.18 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,933.78 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी 131.60 अंक यानी 0.55 प्रतिशत चढ़कर 24,013.65 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की इस रिकवरी से निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।
बैंकिंग शेयरों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। बैंक निफ्टी 475.80 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,218.40 पर पहुंच गया। वहीं मिडकैप निफ्टी ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और 150.65 अंक यानी 1.04 प्रतिशत उछलकर 14,569.75 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़े शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
आज की तेजी में कई दिग्गज शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। Eternal करीब 3.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा। इसके अलावा सन फार्मा, टाइटन, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, HDFC बैंक, अडानी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, SBI, अल्ट्राटेक सीमेंट, ITC और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन दिग्गज शेयरों की मजबूती ने बाजार की तेजी को सहारा दिया।
हालांकि चौतरफा तेजी के बीच आईटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। इंफोसिस का शेयर 2.26 प्रतिशत टूटकर ₹1045.20 पर कारोबार करता दिखा। इसके अलावा टीसीएस 1.62 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.50 प्रतिशत और एचसीएल टेक 1.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार की रिकवरी तकनीकी और वैल्यू-बाइंग के कारण आई है। कई मजबूत शेयरों में निचले स्तरों से खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि वैश्विक तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा वैश्विक बाजारों की चाल, मिडिल ईस्ट की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार की इस रिकवरी ने निवेशकों के मनोबल को मजबूत किया है और दलाल स्ट्रीट पर सकारात्मक माहौल लौटता नजर आ रहा है।

