बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरेंडर की समय सीमा नजदीक आने पर अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब 15 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रकम जमा करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह अभिनेता को दिया गया आखिरी मौका है।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करें। इसके साथ ही बाकी बकाया रकम के लिए श्योरिटी देने को भी कहा गया है। अदालत ने अभिनेता को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 5 अक्टूबर को होगी।
अदालत की ओर से समय मिलने के बाद फिलहाल अभिनेता को रकम जमा करने के लिए कुछ और मोहलत मिल गई है। हालांकि, अगली सुनवाई तक अदालत के निर्देशों का पालन करना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
8 सितंबर को भी मिली थी राहत की शर्त
इस मामले में इससे पहले 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। उस दौरान अदालत ने राजपाल यादव को सरेंडर से राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी थी। अभिनेता को यह रकम 9 सितंबर तक जमा करनी थी।
अदालत ने उस समय साफ किया था कि चेक बाउंस से जुड़े मामले में राहत तभी मिल सकती है, जब निर्धारित रकम जमा की जाए। रकम जमा नहीं करने की स्थिति में अभिनेता को जेल जाना पड़ सकता था। अब 15 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने उन्हें रकम की व्यवस्था करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई थी तीन महीने की सजा
मामला उस समय और गंभीर हो गया था जब 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को तीन महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद सरेंडर की समय सीमा समाप्त होने से पहले अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और अभिनेता को रकम जमा करने से जुड़ी शर्तों के साथ राहत का रास्ता दिया गया। अब एक बार फिर अदालत ने उन्हें दो सप्ताह की मोहलत दी है, लेकिन साथ ही इसे अंतिम अवसर बताया है।
राजपाल यादव ने विवाद पर क्या कहा था?
राजपाल यादव इस विवाद को लेकर पहले एक पॉडकास्ट में भी अपनी बात रख चुके हैं। उनसे जब यह सवाल किया गया कि लंबे समय तक फिल्मों और अन्य कामों से जुड़े रहने के बावजूद वह 5 करोड़ रुपये का कथित कर्ज क्यों नहीं चुका पाए, तो अभिनेता ने इसे केवल पैसों का मामला मानने से इनकार किया।
उनका कहना था कि अगर मामला सिर्फ पैसे का होता तो यह विवाद 2012 में ही खत्म हो गया होता। अभिनेता ने इसे पैसों से ज्यादा सिद्धांतों से जुड़ा मामला बताया था। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद उनकी अगली चुनौती अदालत द्वारा तय समय सीमा के भीतर रकम और श्योरिटी से जुड़ी शर्तें पूरी करना है।

