नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद दावा किया है। एक हालिया इंटरव्यू में ललित मोदी ने आरोप लगाया कि कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी और दिवंगत सुनंदा पुष्कर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाने के बाद उन्हें शशि थरूर का फोन आया था, जिसमें आगे कार्रवाई न करने की चेतावनी दी गई थी।
समाचार एजेंसी को दिए गए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि उस समय कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी की बोली और उससे जुड़े निवेशकों को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्रेंचाइजी की शेयरहोल्डिंग संरचना और कुछ कथित गुप्त निवेशकों की पहचान को लेकर जानकारी मांगी थी। उनका दावा है कि इसी मुद्दे पर शशि थरूर ने उनसे संपर्क किया।
ललित मोदी के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत के दौरान शशि थरूर ने उनसे सुनंदा पुष्कर के बारे में सवाल न पूछने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने इसका कारण जानना चाहा, तो उन्हें कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मोदी का कहना है कि उन्होंने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और तुरंत फोन काट दिया।
पूर्व आईपीएल प्रमुख ने यह भी दावा किया कि इस घटना के बाद उन्होंने संबंधित फ्रेंचाइजी समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, वह तब तक किसी दस्तावेज को मंजूरी देने के पक्ष में नहीं थे, जब तक सभी निवेशकों और शेयरधारकों की पहचान पूरी तरह स्पष्ट न हो जाए।
ललित मोदी ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उस समय उन्हें सुनंदा पुष्कर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों से उनके बारे में पूछा, तो अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग परिचय दिए। इसी वजह से उनके मन में और अधिक सवाल पैदा हुए।
कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी का मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था। फ्रेंचाइजी ने कथित तौर पर लगभग 350 मिलियन डॉलर की बड़ी बोली लगाकर आईपीएल टीम हासिल की थी। ललित मोदी का कहना है कि उन्हें उस वित्तीय मॉडल को लेकर गंभीर संदेह था, जिसके आधार पर यह बोली लगाई गई थी। उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी की संरचना और वित्तीय गणनाओं में कई ऐसे पहलू थे जो भविष्य में समस्याएं पैदा कर सकते थे।
हालांकि, ललित मोदी द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर अभी तक शशि थरूर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी विवाद भारतीय क्रिकेट और राजनीति के सबसे चर्चित विवादों में से एक रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने वर्षों बाद सामने आए इन दावों ने एक बार फिर उस पुराने विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, ललित मोदी के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले से जुड़े सभी पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, ललित मोदी के इस बयान ने राजनीतिक और खेल जगत में नई बहस छेड़ दी है, जबकि लोग इस पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

