सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें मलयालम इंडस्ट्री के अभिनेता शियास करीम और अभिनेत्री अनुमोल अनुकुट्टी नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर तीखी बहस शुरू हो गई है और यूजर्स इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक निजी पार्टी का है, जहां दोनों कलाकार मौजूद थे। वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि शियास करीम बार-बार अनुमोल को बीफ खाने के लिए कहते नजर आते हैं। हालांकि अभिनेत्री कई बार साफ तौर पर मना करती हैं और बताती हैं कि वह डाइटिंग पर हैं, इसलिए वह इसे नहीं खाना चाहतीं। इसके बावजूद शियास मजाकिया अंदाज में उन्हें मनाने की कोशिश करते रहते हैं, जिससे माहौल थोड़ा असहज हो जाता है।
वीडियो का सबसे विवादित हिस्सा तब सामने आता है, जब अनुमोल के लगातार मना करने के बाद शियास करीम उन पर हल्का-फुल्का तंज कसते हुए पूछते हैं कि क्या वह “भाजपा समर्थक” हैं। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। कई यूजर्स का कहना है कि किसी की निजी पसंद—खासकर खाने-पीने की आदत—को राजनीतिक विचारधारा से जोड़ना पूरी तरह गलत है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram और अन्य जगहों पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। बड़ी संख्या में यूजर्स ने शियास करीम की आलोचना करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के ‘ना’ कहने के बाद भी उस पर दबाव बनाना गलत व्यवहार है। खासकर एक महिला के साथ इस तरह का मजाक कई लोगों को आपत्तिजनक लगा।
हालांकि कुछ लोग शियास के समर्थन में भी सामने आए हैं। उनका कहना है कि दोनों कलाकार एक-दूसरे के दोस्त हैं और यह पूरी बातचीत मजाक के तौर पर हुई होगी। कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि अनुमोल पहले भी बीफ खा चुकी हैं, इसलिए शियास ने पुराने संदर्भ में यह बात कही होगी। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि चाहे संदर्भ कुछ भी हो, सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार गलत संदेश देता है।
यह विवाद दोनों कलाकारों के करियर को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। शियास करीम ने रियलिटी शो बिग बॉस मलयालम के पहले सीजन से पहचान बनाई थी और इसके बाद वह मॉडलिंग और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सक्रिय रहे हैं। वहीं अनुमोल अनुकुट्टी भी इसी शो से जुड़ी रही हैं और उन्होंने इसके सातवें सीजन की विजेता बनकर लोकप्रियता हासिल की थी।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर दोनों कलाकारों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले छोटे-छोटे वीडियो भी बड़े विवाद का रूप ले सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह घटना केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आपसी सम्मान और सार्वजनिक व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सवाल खड़े करती है।

