19 Aug 2026, Wed

“मराठी सीखने से इनकार सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी”, रिक्शा-टैक्सी चालकों को परिवहन मंत्री की चेतावनी

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने का अभियान अब सख्त रुख की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि जो रिक्शा और टैक्सी चालक मराठी सीखने से इनकार करेंगे या सरकार के निर्देशों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की मनमानी या मुंहजोरी को बर्दाश्त नहीं करेगी।

सरनाईक के मुताबिक, महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सिखाने का अभियान पिछले 105 दिनों से चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान करीब 1 लाख 65 हजार ऑटो और टैक्सी चालकों ने मराठी भाषा सीखी है और उन्हें इसका प्रमाणपत्र भी दिया गया है।

दूसरे राज्यों से आने वालों का भी स्वागत

परिवहन मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों का भी स्वागत है। मुंबई में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले लोगों को रोजगार देने और उन्हें अपने साथ जोड़ने की क्षमता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में रहने और काम करने वालों को महाराष्ट्र की स्थानीय भाषा के बारे में जानकारी होना जरूरी है।

सरनाईक ने मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को रोजगार से वंचित करना नहीं है। बल्कि ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा से जोड़ना है, ताकि यात्रियों और चालकों के बीच संवाद को आसान बनाया जा सके।

‘मुंहजोरी बर्दाश्त नहीं होगी’

परिवहन मंत्री ने कुछ ऑटो और टैक्सी चालकों के सोशल मीडिया वीडियो का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ चालकों ने वीडियो बनाकर यह दावा किया कि वे मराठी नहीं सीखेंगे और सरकार को जो करना है, वह कर ले। सरनाईक ने इस तरह के रवैये को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी मुंहजोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने संकेत दिया कि सरकार पहले नियमों के तहत चालकों को भाषा सीखने का अवसर और समय देगी। इसके बावजूद अगर कोई चालक जानबूझकर निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

लाइसेंस निलंबन से लेकर रद्द करने तक की कार्रवाई

सरनाईक ने कहा कि मराठी सीखने के लिए पहले संबंधित चालकों को एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर चालक भाषा सीखने के निर्देश का पालन नहीं करता है, तो उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

मंत्री ने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद चालक मराठी सीखने से लगातार इनकार करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि लगातार इनकार करने की स्थिति में इसे भाषा के प्रति विरोध या असम्मान के तौर पर देखा जा सकता है।

1.65 लाख चालकों को मिला प्रमाणपत्र

सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 1.65 लाख के करीब ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिए जाने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य महाराष्ट्र में काम करने वाले परिवहन क्षेत्र के लोगों को स्थानीय भाषा से जोड़ना है।

अब मंत्री की सख्त चेतावनी के बाद उन चालकों पर नजर रहेगी, जो मराठी सीखने के निर्देश का पालन नहीं करते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में भाषा, रोजगार और नियमों को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है। सरकार के इस कदम का असर आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के ऑटो-टैक्सी सेक्टर पर भी देखने को मिल सकता है।

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