भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य छत्तीसगढ़ के आसपास बना डीप डिप्रेशन पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं, ओडिशा में महानदी और उसकी सहायक नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
आईएमडी के मुताबिक शुक्रवार को विदर्भ, उत्तरी तेलंगाना, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि यह सिस्टम अगले 12 से 24 घंटों के दौरान और मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे कई राज्यों में व्यापक वर्षा की स्थिति बन सकती है।
शनिवार से मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात के कुछ इलाकों में 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, कर्नाटक और केरल में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
दूसरी ओर, ओडिशा में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के खुर्दा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कटक के पास मुंडाली बैराज से लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी का बहाव हो रहा है, जिससे महानदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
अधिकारियों के अनुसार, कटक के अथागढ़ और बडम्बा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत व बचाव टीमों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने कहा कि अगले 36 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इस दौरान महानदी में जलप्रवाह अपने चरम पर पहुंच सकता है।
राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। महानदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित तटबंधों की निगरानी के लिए संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुंडाली बैराज पहले भी 10 से 12 लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज संभाल चुका है, लेकिन मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ओडिशा के 30 में से 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 7 लाख से अधिक लोग इसका असर झेल रहे हैं। प्रशासन ने लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 520 राहत शिविरों में उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों के 21 गांव अब भी जलभराव से कटे हुए हैं, जबकि 1,352 घरों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। राज्य सरकार ने सभी संबंधित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

