केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से जुड़े बताए जा रहे शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने इस नेटवर्क को गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इसके लिए UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत अधिसूचना जारी की गई है। इस फैसले के बाद नेटवर्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है।
UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किया गया नेटवर्क
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। सरकार के अनुसार, यह नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर आकर्षित करने और उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने के आरोप हैं। इसके अलावा भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यमों के जरिए नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने की बात भी सामने आई है।
अगस्त में 14 राज्यों में हुई थी कार्रवाई
शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ इससे पहले अगस्त में देश के 14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई थी। इस अभियान के दौरान 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 12 अगस्त को अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब समेत कई राज्यों को शामिल किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, अभियान के दौरान नेटवर्क से जुड़े लोगों के ठिकानों से IED, पिस्तौल, जिंदा कारतूस, ग्रेनेड और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए।
80 से ज्यादा FIR दर्ज
गृह मंत्रालय के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले UAPA, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं।
जांच के दौरान पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड मिलने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। एजेंसियां इन बरामदगी को नेटवर्क के कथित सीमा-पार संपर्कों की जांच में अहम मान रही हैं।
ब्राजील में छिपे होने का दावा
शहजाद भट्टी के बारे में जांच एजेंसियों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि वह फिलहाल ब्राजील में छिपा हुआ है। जांच के मुताबिक, वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संपर्क करता था और उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करता था।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि युवाओं को पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में लिया जाता था और बाद में उन्हें अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। भट्टी के खिलाफ चल रही जांच में पंजाब से जुड़े आतंकी मामलों और अन्य घटनाओं में उसकी कथित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद अब इससे जुड़े लोगों, गतिविधियों और कथित सहयोगियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता और स्पष्ट हो गया है।

