ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 13 अगस्त से डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। सीरीज शुरू होने से पहले बांग्लादेश की टीम को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं, जबकि एक अन्य तेज गेंदबाज शोरीफुल इस्लाम भी पहले टेस्ट से बाहर हैं। ऐसे में अनुभवी तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद पर गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की जिम्मेदारी होगी।
सीरीज से पहले तस्कीन अहमद ने स्वीकार किया कि नाहिद राणा की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने कहा कि राणा मौजूदा समय में विश्व क्रिकेट के सबसे तेज और प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल हैं और उनकी रफ्तार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती थी।
नाहिद राणा की चोट ने बढ़ाई मुश्किल
23 वर्षीय नाहिद राणा साइड स्ट्रेन की वजह से पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। दूसरी ओर शोरीफुल इस्लाम हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण पहले टेस्ट में उपलब्ध नहीं होंगे। उनके दूसरे टेस्ट में खेलने का फैसला फिटनेस टेस्ट के बाद ही लिया जाएगा।
बांग्लादेश की टीम लगभग 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची है, इसलिए इस दौरे को टीम के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि राणा और शोरीफुल की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर अहम भूमिका निभाएगी।
तस्कीन बोले- राणा खतरनाक गेंदबाज हैं
पहले टेस्ट से पहले मीडिया से बातचीत में तस्कीन अहमद ने कहा, “नाहिद राणा इस समय विश्व क्रिकेट में एक खतरनाक तेज गेंदबाज हैं। दुर्भाग्य से वह चोटिल हो गए हैं। अगर राणा और शोरीफुल दोनों उपलब्ध होते, तो हमारी गेंदबाजी और मजबूत होती।”
उन्होंने माना कि इन दोनों गेंदबाजों की अनुपस्थिति टीम के लिए चुनौती है, लेकिन साथ ही यह बाकी गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी है।
बाकी गेंदबाजों के लिए सुनहरा अवसर
तस्कीन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का मौका हर गेंदबाज के लिए बड़ा अवसर होता है। उन्होंने टीम के युवा गेंदबाजों से जिम्मेदारी निभाने और इस मौके का पूरा फायदा उठाने की अपील की।
उनके अनुसार, विदेशी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने से गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान मजबूत होगी।
वनडे सीरीज की जीत से मिला आत्मविश्वास
तस्कीन अहमद ने यह भी कहा कि इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली वनडे सीरीज की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने बताया कि उस सीरीज में अपेक्षाकृत बेहतर बल्लेबाजी पिचें मिली थीं, जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका मिला।
उन्होंने कहा कि ढाका के मीरपुर में आमतौर पर धीमी और स्पिन-अनुकूल पिचें होती हैं, लेकिन हाल के मुकाबलों में टीम ने बेहतर परिस्थितियों में अच्छा क्रिकेट खेला है। यही आत्मविश्वास अब टेस्ट सीरीज में भी टीम के काम आ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कठिन चुनौती
बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट हमेशा कठिन रहा है। डार्विन और मैके की तेज और उछाल भरी पिचों पर मेजबान टीम का अनुभव ज्यादा है। ऐसे में तस्कीन अहमद, ताइजुल इस्लाम और अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।
दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए केवल एक विदेशी दौरा नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मौका भी है।

