मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के प्रस्तावित रीडेवलपमेंट को देखते हुए कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों और एयरपोर्ट ऑपरेटर के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक बुलाई है।
जानकारी के मुताबिक, 6 अक्टूबर को होने वाली बैठक की अध्यक्षता नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा करेंगे। बैठक में एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट समेत अन्य एयरलाइन कंपनियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में मुंबई एयरपोर्ट से संचालित होने वाली इंटरनेशनल उड़ानों के शेड्यूल और उन्हें नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
25 अक्टूबर से बदल सकता है फ्लाइट ऑपरेशन
टर्मिनल-1 के रीडेवलपमेंट की तैयारियों के चलते एयरलाइन कंपनियों से 25 अक्टूबर से अपने इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन में बदलाव करने को कहा गया है। प्रस्ताव के तहत कंपनियों को अपनी इंटरनेशनल उड़ानों में करीब एक-तिहाई तक कटौती करनी पड़ सकती है या फिर कुछ उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित करना होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य मुंबई एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य के दौरान एयर ट्रैफिक और यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना है। हालांकि, एयरलाइन कंपनियों ने इस प्रस्ताव को लेकर अपनी चिंताएं भी सामने रखी हैं। कंपनियों के लिए उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर शिफ्ट करने से ऑपरेशनल व्यवस्था, यात्रियों की सुविधा और कनेक्टिविटी से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
जनवरी 2027 से शुरू होगा बड़ा रीडेवलपमेंट
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का रीडेवलपमेंट जनवरी 2027 से शुरू होने की योजना है। करीब छह दशक पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस परियोजना को इस तरह से पूरा करने की योजना है कि यात्रियों और मौजूदा एयरपोर्ट ऑपरेशन पर कम से कम असर पड़े। इसी वजह से उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने और फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
ज्यादातर यात्रियों पर नहीं पड़ेगा असर
मुंबई एयरपोर्ट से हर साल करीब 5.5 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि प्रस्तावित रीडेवलपमेंट का अस्थायी असर कुल यात्री यातायात के करीब 9 प्रतिशत हिस्से पर ही पड़ सकता है। यानी लगभग 91 प्रतिशत यात्री यातायात सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है।
प्रबंधन का कहना है कि पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के रीडेवलपमेंट की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का मकसद यह है कि निर्माण कार्य के दौरान एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह बाधित न हो और यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
आने वाली बैठक में एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच फ्लाइट शेड्यूल, नवी मुंबई से संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि किन इंटरनेशनल उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित किया जाएगा और किन उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया जाएगा।

