9 Jun 2026, Tue

दिल्ली अग्निकांड: जिस होटल में 22 लोग जिंदा जल गए, आखिर उसमें आग लगी कैसे? शेफ का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग, जिसमें 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, अब नए खुलासों के कारण फिर चर्चा में है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे की शुरुआत होटल की रसोई से हुई हो सकती है। मामले में पूछताछ के दौरान होटल के रसोइये (शेफ) ने दावा किया है कि इलेक्ट्रिक स्टोव में आग लगने के बाद विस्फोट हुआ, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई।

पुलिस के अनुसार, हादसे के दिन सुबह रसोई में काम कर रहे शेफ ने बताया कि उसने नियमित रूप से इलेक्ट्रिक स्टोव चालू किया था। स्टोव चालू करने के कुछ ही समय बाद उसमें अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कथित तौर पर स्टोव में विस्फोट होने के बाद लपटें तेजी से पूरे भवन में फैल गईं।

छह घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत

दिल्ली पुलिस ने मामले में होटल के 65 वर्षीय रसोइये से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसके बयान और घटनास्थल से मिले शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आग लगने के पीछे मानवीय लापरवाही भी एक बड़ा कारण हो सकती है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि स्टोव में आग लगने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय रसोइया घबरा गया और वहां से निकल गया। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आग लगने के बाद बिजली की मुख्य सप्लाई बंद की गई थी और यदि ऐसा हुआ तो उसका असर होटल के इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा सिस्टम पर पड़ा या नहीं।

इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम बना मौत का कारण?

जांच में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस का मानना है कि आग लगने के दौरान होटल का इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम निष्क्रिय हो गया था। इससे कई निकास द्वार बंद हो गए और अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।

अधिकारियों के अनुसार, यदि आपातकालीन निकास मार्ग सही तरीके से काम कर रहे होते, तो शायद कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इसी वजह से अब होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और अग्निशमन मानकों की भी गहन जांच की जा रही है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक और अग्निशमन विभाग की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। फिलहाल जांच टीम शेफ के बयान का वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।

इसके अलावा उस समय रसोई और होटल परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आग लगने के शुरुआती क्षणों में क्या हुआ था और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।

फरार प्रबंधक की तलाश जारी

मामले में होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस कई कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है और होटल के फरार मैनेजर की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इस भीषण अग्निकांड में 22 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा दिल्ली के हालिया वर्षों के सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में से एक माना जा रहा है, जिसने होटलों और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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