देश की राजधानी Delhi में प्रॉपर्टी बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। खासकर दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाकों में रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। हाल ही में जारी गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF) की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में पूरे फ्लोर की कीमतों में 32 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के ‘Category B’ इलाकों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जहां कीमतों में 23 से 32 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ‘Category A’ के अत्यंत प्रीमियम इलाकों में भी 14 से 22 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-एंड हाउसिंग की बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता इसकी मुख्य वजह है।
कीमतों की बात करें तो ‘Category A’ के इलाकों में एक पूरे फ्लोर की कीमत अब लगभग 19.5 करोड़ रुपये से लेकर 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं ‘Category B’ के क्षेत्रों में फ्लोर की कीमतें 10.65 करोड़ रुपये से 16.5 करोड़ रुपये के बीच दर्ज की गई हैं।
Vasant Vihar, Chanakyapuri, Golf Links, Jor Bagh और Sunder Nagar जैसे इलाके ‘Category A’ में शामिल हैं। ये क्षेत्र लंबे समय से दिल्ली के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित आवासीय इलाकों में गिने जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में उद्योगपति, राजनयिक और उच्च आय वर्ग के लोग रहते हैं।
वहीं ‘Category B’ में Greater Kailash, Green Park, Defence Colony, Safdarjung Enclave और Kailash Colony जैसे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भी अब प्रॉपर्टी खरीदने वालों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
गोल्डन ग्रोथ फंड के सीईओ Ankur Jalan ने कहा कि ‘Category B’ इलाकों में कीमतों में ज्यादा तेजी यह दिखाती है कि खरीदार अब प्रीमियम लोकेशन में निवेश को लेकर अधिक सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोग भी अब दक्षिण दिल्ली की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण दिल्ली में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-प्रोफाइल लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी और लक्जरी लाइफस्टाइल की वजह से निवेशकों और खरीदारों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा, सीमित जमीन और नई परियोजनाओं की कमी भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।
गौरतलब है कि Municipal Corporation of Delhi यानी एमसीडी ने पूरी दिल्ली को A से H तक कुल 8 कैटेगरी में बांटा हुआ है। प्रॉपर्टी टैक्स, सर्किल रेट और स्टाम्प ड्यूटी जैसी व्यवस्थाएं इन्हीं श्रेणियों के आधार पर तय की जाती हैं।
रियल एस्टेट बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में भी दक्षिण दिल्ली के प्रीमियम इलाकों में कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। खासकर लग्जरी और स्वतंत्र फ्लोर वाली प्रॉपर्टी की मांग में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में दिल्ली का प्रॉपर्टी बाजार एक बार फिर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।

