13 May 2026, Wed

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी हलचल, AIADMK के गुट ने विजय की TVK को दिया समर्थन, कहा- पार्टी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य में नई सरकार बनने के बाद अब विपक्षी दल All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam यानी AIADMK के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के एक बड़े गुट ने अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

हाल ही में TVK प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उन्हें कांग्रेस समेत कई दलों के विधायकों का समर्थन मिला, जिसके बाद राज्य में नई सरकार का गठन हुआ। हालांकि, सरकार गठन से पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि AIADMK और Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) मिलकर सरकार बना सकते हैं। लेकिन अब AIADMK के भीतर ही इस मुद्दे पर खुलकर मतभेद सामने आ गए हैं।

AIADMK के विधायक एसपी वेलुमणि और C. V. Shanmugam के नेतृत्व वाले गुट ने TVK सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद पार्टी के अंदरूनी विवाद सार्वजनिक हो गए हैं। सीवी शनमुगम ने खुलकर कहा कि अगर AIADMK ने DMK के साथ गठबंधन किया होता, तो पार्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता।

शनमुगम ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K. Palaniswami ने DMK के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, पार्टी के अधिकांश विधायकों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि AIADMK की स्थापना ही DMK के खिलाफ हुई थी और पिछले 53 वर्षों से पार्टी की राजनीति DMK विरोध पर आधारित रही है। ऐसे में DMK के साथ गठबंधन करना पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होता।

उन्होंने कहा, “अगर हम DMK के साथ चले जाते, तो AIADMK की पहचान खत्म हो जाती। हमारे अधिकांश सदस्यों ने इस विचार का विरोध किया। जनता के फैसले का सम्मान करते हुए हमने TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।”

शनमुगम ने यह भी कहा कि फिलहाल AIADMK किसी भी औपचारिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है और पार्टी को दोबारा मजबूत करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, TVK को समर्थन देना मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सबसे बेहतर विकल्प था।

वहीं, एसपी वेलुमणि ने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी को तोड़ना नहीं है। उन्होंने साफ किया कि उनका गुट AIADMK को बचाने और मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर एकजुटता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। विजय की TVK को मिले इस समर्थन से उनकी सरकार और मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर AIADMK के भीतर बढ़ती गुटबाजी पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में AIADMK के भीतर और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं विजय के नेतृत्व में बनी नई सरकार पर अब राज्य की जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक यात्रा पहले ही चर्चा में थी और अब AIADMK के समर्थन ने उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया है।

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