2 Jul 2026, Thu

ग्रेटर कैलाश-I पुलिस स्टेशन को मिला स्वच्छता पुरस्कार, एलजी ने की साफ-सुथरी पुलिसिंग की सराहना

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के ग्रेटर कैलाश-I पुलिस स्टेशन को साफ-सफाई, अनुशासन और नागरिक सुविधाओं के बेहतर रखरखाव के लिए ‘स्वच्छतम पुलिस स्टेशन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नरेट दिवस पर आयोजित समारोह में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पुलिस स्टेशन को ट्रॉफी प्रदान की। ग्रेटर कैलाश-I ने दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों के बीच स्वच्छता और नागरिक रखरखाव की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया, जबकि लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन दूसरे स्थान पर रहा।

समारोह का आयोजन नई पुलिस लाइंस, किंग्सवे कैंप के परेड ग्राउंड में किया गया। ग्रेटर कैलाश-I पुलिस स्टेशन की ओर से एसएचओ इंस्पेक्टर भानु प्रताप ने पुरस्कार ग्रहण किया। इस उपलब्धि को पुलिस स्टेशन में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, कर्मचारियों के अनुशासन और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में किए गए प्रयासों की मान्यता माना जा रहा है।

पुलिस कॉलोनियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में पुलिस स्टेशनों के साथ विभिन्न आवासीय कॉलोनियों को भी साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं के लिए सम्मानित किया गया। द्वारका, पंजाबी बाग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय की आवासीय कॉलोनियों को बेहतर नागरिक रखरखाव के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। एलजी ने दिल्ली पुलिस की सार्वजनिक सेवा और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी पहलों की भी सराहना की।

तकनीक आधारित और जन-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर

उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस से मानवीय, तकनीक आधारित और जनता-केंद्रित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को विकसित भारत के विजन के अनुरूप पेशेवर, संवेदनशील और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली संस्था के रूप में लगातार आगे बढ़ना चाहिए। राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को उन्होंने पुलिस की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल बताया।

एलजी ने युवा अधिकारियों से नागरिकों के साथ सक्रिय संवाद स्थापित करने और पुलिस पर जनता का विश्वास मजबूत करने को कहा। उन्होंने गलत दिशा में वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट वाहन चलाने जैसी यातायात नियमों की अनदेखी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ व्यवहार में बदलाव लाने पर भी जोर दिया।

दिल्ली में गंभीर अपराधों में आठ प्रतिशत की गिरावट

दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बताया कि वर्ष 2025 की तुलना में गंभीर अपराधों में आठ प्रतिशत और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी आई है। वाहन चोरी के मामलों में 21 प्रतिशत तथा अन्य चोरी के मामलों में 15 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले दस वर्षों का सबसे कम स्तर बताया गया है।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में करीब 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। ऐसे मामलों में पुलिस की पहचान या जांच सफलता दर 98 प्रतिशत रही, जबकि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में निर्धारित कानूनी समय के भीतर आरोपपत्र दाखिल किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई से गंभीर अपराधों में हथियारों के इस्तेमाल में भी 27 प्रतिशत कमी आई है।

शहीद कॉन्स्टेबल विक्रम को मरणोपरांत सम्मान

समारोह में शालीमार बाग फ्लाईओवर पर ड्यूटी के दौरान तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से जान गंवाने वाले कॉन्स्टेबल विक्रम को मरणोपरांत ‘आहत वीर सम्मान पत्र’ दिया गया। उनकी पत्नी अनीता सिंह ने यह सम्मान ग्रहण किया। ड्यूटी के दौरान घायल हुए नौ पुलिसकर्मियों और उत्कृष्ट सेवा देने वाले 27 कर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

दिल्ली में कमिश्नरेट व्यवस्था एक जुलाई 1978 को लागू की गई थी। इसी की स्मृति में वार्षिक परेड आयोजित होती है, जिसकी शुरुआत दिल्ली पुलिस के प्लेटिनम जुबली वर्ष 2022 में की गई थी।

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