गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के लिए बड़ा स्वास्थ्य अभियान: 25 स्थानों पर मेडिकल कैंप, हजारों श्रमिकों ने उठाया लाभ
गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में व्यापक स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर में स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 25 स्थानों पर मेडिकल कैंप आयोजित किए गए, जिनका हजारों श्रमिकों ने लाभ उठाया।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अंबेडकर भवन, सूरजपुर में आयोजित मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं पर फीडबैक लिया। श्रमिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।
जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मेडिकल कैंप आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही निशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
श्रमिकों को मिल रही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
इन मेडिकल कैंपों में श्रमिकों को सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ दवाएं, आंखों की जांच, दंत उपचार और महिला रोगों से जुड़ी सुविधाएं दी गईं।
विशेष रूप से महिला श्रमिकों के लिए मैमोग्राफी और ब्रेस्ट स्कैनिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही दंत उपचार, एक्स-रे, कैविटी फिलिंग और अन्य आवश्यक इलाज की व्यवस्था भी की गई।
आंखों की जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन और मुफ्त चश्मा वितरण जैसी सुविधाएं भी श्रमिकों को प्रदान की जा रही हैं।
12 लाख श्रमिकों तक पहुंचने का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य लगभग 12 लाख श्रमिकों तक यह स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। जिले की 8000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
1 मई को एक बड़े स्वास्थ्य महाअभियान की तैयारी की जा रही है, जिसमें 201 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे और 22 निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
मोबाइल मेडिकल यूनिट और विशेष बसें
इस अभियान में आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट और विशेष बसें शामिल हैं, जिनमें मैमोग्राफी, एक्स-रे और डेंटल ट्रीटमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह सेवाएं श्रमिकों के घर और कार्यस्थल के पास पहुंचाई जा रही हैं।
CSR और निजी संस्थाओं की भागीदारी
इस पहल में 70 से अधिक निजी अस्पताल, एनजीओ और औद्योगिक संस्थान शामिल हैं। CSR फंड के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है। कई उद्योगों में क्रेच और छोटे क्लीनिक भी शुरू किए जा रहे हैं।
हजारों श्रमिकों को मिला लाभ
सूरजपुर, बरौला, सेक्टर-16, भंगेल, छलेरा, मलकपुर, कुलेसरा सहित कई क्षेत्रों में लगाए गए कैंपों में हजारों श्रमिकों ने जांच और इलाज का लाभ उठाया। उन्हें मुफ्त दवाएं और आवश्यक मेडिकल सेवाएं भी प्रदान की गईं।
निष्कर्ष
गौतमबुद्धनगर में चलाया जा रहा यह स्वास्थ्य अभियान श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार और प्रशासन का यह प्रयास श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके दरवाजे तक पहुंचाने की एक सफल पहल के रूप में सामने आ रहा है।

