23 Apr 2026, Thu

गुरुकुल में मासूम की हत्या: इकलौते बेटे को पढ़ने भेजा था, घर के बाहर शव फेंककर भागे आरोपी, सिगरेट से दागा, शरीर पर मिले 45 निशान

लखनऊ गुरुकुल में 11 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए प्रताड़ना और हत्या के गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश द्विवेदी की लखनऊ स्थित एक गुरुकुल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है।

पढ़ाई के लिए भेजा, शव बनकर लौटा बेटा

कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव निवासी दिव्यांश द्विवेदी उर्फ दीपू को 15 अप्रैल को पढ़ाई के लिए लखनऊ के रानानुज भागवत वेद विद्या गुरुकुल भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि कुछ ही दिनों में उनका बेटा संदिग्ध हालात में मृत अवस्था में घर वापस भेज दिया गया।

बताया गया कि गुरुकुल संचालक ने बच्चे के पिता को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद दिव्यांश को एक वाहन से गांव के घर के बाहर छोड़ दिया गया। जब परिजनों ने बच्चे को देखा, तो वह मृत था और उसके शरीर पर कई चोटों के निशान मौजूद थे।

शरीर पर मिले चोट और जलने के निशान

परिजनों के अनुसार, दिव्यांश के हाथ, पैर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर काले धब्बे और गहरे घाव थे। कुछ निशान ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जो जलने या सिगरेट से दागे जाने जैसे प्रतीत होते हैं।

दिव्यांश के चाचा ने आरोप लगाया कि बच्चे के साथ गुरुकुल में क्रूरता की गई और उसे बुरी तरह पीटा गया। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि बच्चे के साथ गंभीर अपराध हुआ हो सकता है।

मौत से एक दिन पहले तक था स्वस्थ

दिव्यांश की बड़ी बहन ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनकी भाई से फोन पर बात हुई थी और वह पूरी तरह स्वस्थ था। उसने किसी भी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में अचानक उसकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार

दिव्यांश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता एक निजी फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ फोरेंसिक टीम भी पहुंची और साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम पैनल और वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा, ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। साथ ही, एक विशेष जांच टीम गठित की गई है और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है।

गुरुकुल संचालक पर आरोप

परिजनों ने गुरुकुल संचालक और अन्य संबंधित लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वहां रह रहे अन्य बच्चों की सुरक्षा खतरे में न हो।

निष्कर्ष

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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