7 Jun 2026, Sun

क्या E85 फ्यूल आने से बंद हो जाएंगी E20 फ्यूल वाली गाड़ियां? पेट्रोलियम मंत्री ने दिया ये जवाब

नई दिल्ली। देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में E85 फ्यूल लॉन्च किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में देश के पहले E85 फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही E85 ईंधन की बिक्री भी शुरू हो गई है। हालांकि इस नई पहल के बाद वाहन मालिकों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या E85 फ्यूल के आने के बाद मौजूदा E20 पेट्रोल बंद हो जाएगा?

इस भ्रम को दूर करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि E85 और E20 दो अलग-अलग प्रकार के ईंधन हैं और दोनों का उपयोग अलग-अलग तकनीक वाले इंजनों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि E85 के बाजार में आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि E20 फ्यूल की बिक्री बंद कर दी जाएगी या E20 से चलने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा।

मंत्री ने बताया कि E85 फ्यूल विशेष रूप से फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए तैयार किया गया है। ऐसे वाहन अलग-अलग अनुपात वाले एथनॉल और पेट्रोल मिश्रण पर चल सकते हैं। वहीं सामान्य E20 कम्पैटिबल वाहनों में E85 फ्यूल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए जिन लोगों के पास वर्तमान में E20 फ्यूल से चलने वाली गाड़ियां हैं, उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

क्या है E85 फ्यूल?

E85 को फ्लेक्स फ्यूल भी कहा जाता है। इसमें 85 प्रतिशत एथनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। दूसरी ओर E20 फ्यूल में 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल शामिल होता है। एथनॉल एक जैविक ईंधन है, जो मुख्य रूप से गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलता है।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ब्राजील जैसे देशों में दशकों से E85 फ्यूल का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहन E20 से लेकर E100 तक के विभिन्न एथनॉल मिश्रणों पर चल सकते हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है।

कीमत में भी बड़ा अंतर

दिल्ली में लॉन्च किए गए E85 फ्यूल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। यह मौजूदा E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता बताया जा रहा है। कम कीमत और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण भविष्य में इसकी मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार का मानना है कि एथनॉल आधारित ईंधन का विस्तार भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही इससे प्रदूषण कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

फिलहाल E20 और E85 दोनों ईंधन अपनी-अपनी श्रेणी के वाहनों के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी के अनुसार ही सही ईंधन का चयन करना होगा।

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