14 May 2026, Thu

क्या आप भी ‘ऑनलाइन रमी’ खेलते हैं? गेम्जक्राफ्ट के 3 संस्थापकों को ED ने किया अरेस्ट

ED की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्जक्राफ्ट के 3 संस्थापक गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी के आरोप

Enforcement Directorate (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़ी कार्रवाई करते हुए Gameskraft Technologies के तीन संस्थापकों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कंपनी के सह-संस्थापक Deepak Singh, Prithviraj Singh और Vikas Taneja को मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कथित अवैध कमाई के आरोप में हिरासत में लिया है।

ED के अनुसार, कंपनी ‘RummyCulture’ और ‘RummyTime’ जैसे रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती थी, जिनके जरिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं और धोखाधड़ी की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इन ऐप्स के माध्यम से लोगों को पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया गया और कई उपयोगकर्ताओं को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा।

कई राज्यों में दर्ज हुई थीं FIR

यह कार्रवाई देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR और शिकायतों के आधार पर की गई है। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की वसूली की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ मामलों में आर्थिक नुकसान के कारण पीड़ित मानसिक तनाव में चले गए और कई राज्यों में आत्महत्या से जुड़े मामले भी सामने आए।

ED का कहना है कि शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि कंपनी के प्लेटफॉर्म्स के जरिए जुटाए गए धन का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में किया गया।

17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ED ने 7 मई 2026 को Karnataka और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक साथ 17 स्थानों पर छापेमारी की थी। ये छापे कंपनी के दफ्तरों, संबंधित इकाइयों और कर्मचारियों के परिसरों पर मारे गए।

छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत मिले। जांच में कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद ED ने 8 मई को तीनों संस्थापकों को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

अलग-अलग शहरों से हुई गिरफ्तारी

ED अधिकारियों के मुताबिक, दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को NCR क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जबकि विकास तनेजा को बेंगलुरु से हिरासत में लिया गया। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया जा रहा है, जहां उनसे आगे पूछताछ की जाएगी।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित नेटवर्क में अन्य कंपनियां, निवेशक या व्यक्ति शामिल थे या नहीं।

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर बढ़ी निगरानी

इस कार्रवाई के बाद देश में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ धोखाधड़ी, लत और वित्तीय जोखिम से जुड़े मामलों में भी वृद्धि देखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए सख्त नियमों और निगरानी की दिशा तय कर सकता है। फिलहाल ED की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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