13 May 2026, Wed

केरल के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा? जानें कांग्रेस में किन 3 नामों पर हो रही चर्चा

केरल कांग्रेस में सीएम चेहरे पर मंथन तेज, आज खरगे को सौंपी जाएगी पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट

Kerala में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी के भीतर नए नेतृत्व को लेकर जारी चर्चाओं के बीच शुक्रवार को कांग्रेस के पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर केरल में कांग्रेस विधायक दल के नेता और संभावित मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, पर्यवेक्षकों ने पिछले दो दिनों में राज्य के सभी कांग्रेस विधायकों से अलग-अलग बातचीत की। पहले सामूहिक बैठक हुई और उसके बाद विधायकों से व्यक्तिगत राय भी ली गई। इन चर्चाओं के आधार पर तैयार रिपोर्ट आज दोपहर करीब 12 बजे खरगे को सौंपी जाएगी।

केसी वेणुगोपाल सबसे आगे

सूत्रों के मुताबिक, K. C. Venugopal मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 40 से 43 विधायकों ने उनके समर्थन में राय दी है। इससे वे कांग्रेस विधायकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं।

हालांकि, उनके नाम पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे राहुल गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व यह भी विचार कर सकता है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है या राज्य की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए।

अन्य दावेदारों के नाम भी चर्चा में

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में केवल केसी वेणुगोपाल ही नहीं, बल्कि कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार Ramesh Chennithala को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि 20 से अधिक विधायक उनके समर्थन में हैं।

इसके अलावा V. D. Satheesan का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। सतीशन को कांग्रेस के साथ-साथ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के सहयोगी दलों का भी समर्थन मिलने की बात कही जा रही है।

सहयोगी दलों की भूमिका अहम

सूत्रों के अनुसार, Indian Union Muslim League (IUML), Kerala Congress (जोसेफ गुट) और Revolutionary Socialist Party (RSP) जैसे सहयोगी दल वीडी सतीशन के पक्ष में बताए जा रहे हैं।

इन दलों का मानना है कि सतीशन ने विपक्ष के नेता के रूप में जमीनी स्तर पर प्रभावी काम किया है और जनता के बीच मजबूत पहचान बनाई है। सहयोगी दल यह भी चाहते हैं कि मुख्यमंत्री ऐसा नेता बने जो विधायक हो और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाता रहा हो।

कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी नजरें

अब सभी की निगाहें कांग्रेस हाईकमान पर टिकी हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेतृत्व रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अंतिम निर्णय लेंगे। माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही विधायक दल की बैठक बुलाकर नए नेता के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकती है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि केरल में कांग्रेस के लिए यह फैसला बेहद अहम है, क्योंकि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में पार्टी की दिशा और नेतृत्व इसी निर्णय से तय होगा।

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