24 Jun 2026, Wed

ऑस्ट्रेलियाई सर्वे में लोगों को भारत पर सबसे ज्यादा भरोसा, अमेरिका-चीन से भी आगे निकला; पढ़ें रिपोर्ट

ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित थिंक-टैंक Lowy Institute की ताजा रिपोर्ट में भारत की वैश्विक छवि को लेकर एक महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई है। सर्वे के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के बीच भारत के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हुआ है और भारत को अमेरिका, चीन और रूस जैसे प्रमुख देशों की तुलना में अधिक भरोसेमंद माना जा रहा है। यह रुझान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख और प्रभाव को दर्शाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने भारत पर भरोसा जताया है। वहीं, अमेरिका पर भरोसा जताने वालों की संख्या 31 प्रतिशत, चीन पर 28 प्रतिशत और रूस पर केवल 11 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में भारत को एक जिम्मेदार और विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की वैश्विक भूमिका पर बढ़ा विश्वास

सर्वे में शामिल करीब 46 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का मानना है कि भारत वैश्विक मामलों में जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, कुछ उत्तरदाताओं ने भारत की नेतृत्व क्षमता पर अत्यधिक विश्वास भी व्यक्त किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की बदलती वैश्विक स्थिति का संकेत है, जहां देश केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक, कूटनीतिक और सामरिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। यही कारण है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को लेकर ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों का भरोसा बढ़ा है।

अमेरिका और चीन पर घटा भरोसा

Lowy Institute की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अमेरिका और चीन को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क हो गए हैं। अमेरिका पर विश्वास घटकर 31 प्रतिशत रह गया है, जो इस सर्वे के इतिहास में सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, चीन पर भरोसा करने वालों की संख्या 28 प्रतिशत दर्ज की गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों ने ऑस्ट्रेलियाई जनमत को प्रभावित किया है। इसी वजह से पारंपरिक महाशक्तियों के प्रति विश्वास में गिरावट दर्ज की गई है।

पीएम मोदी की वैश्विक छवि का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर उनकी मजबूत पहचान ने भी भारत की विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है, जिसमें इंडो-पैसिफिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक दक्षिण की आवाज और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा, व्यापार, शिक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश Quad के सदस्य हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिल सकती है नई मजबूती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के बीच भारत के प्रति बढ़ता भरोसा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत कर सकता है। आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग और बढ़ने की संभावना है।

Lowy Institute के सर्वे ने यह संकेत दिया है कि वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और दुनिया के प्रमुख लोकतांत्रिक देशों में भारत को एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।

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