27 Apr 2026, Mon

ह्वाइट हाउस के हमलावर ने FBI डॉयरेक्टर काश पटेल को हिट लिस्ट से रखा था बाहर, जानें किसे मारना चाहता था?

व्हाइट हाउस डिनर पार्टी में गोलीबारी: हमलावर की चिट्ठी से खुला बड़ा राज, एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल को मिली ‘छूट’

वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में शामिल आरोपी कोल थॉमस एलन की ओर से छोड़े गए कथित मेनिफेस्टो (चिट्ठी) से कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि आरोपी ने अपनी कथित हिट लिस्ट से एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का नाम जानबूझकर बाहर रखा था।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने हमले से कुछ मिनट पहले अपने परिवार को एक लंबा मेनिफेस्टो भेजा था, जिसमें उसने उन लोगों के नाम और पदों का जिक्र किया जिन्हें वह निशाना बनाना चाहता था। इस सूची में ट्रंप प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल थे, लेकिन एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का नाम इसमें नहीं था।

काश पटेल को क्यों छोड़ा गया, अब भी रहस्य

अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर ने काश पटेल को अपनी टारगेट लिस्ट से क्यों बाहर रखा। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत, राजनीतिक या रणनीतिक कारण था।

हमले की पूरी साजिश पहले से तैयार थी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 वर्षीय आरोपी कोल थॉमस एलन कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही हथियारों के साथ पहुंचा था। उसके पास तीन हथियार—दो पिस्तौल और एक शॉटगन—मौजूद थे। जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया था।

मेनिफेस्टो में आरोपी ने कथित तौर पर लिखा कि वह प्रशासन के कई अधिकारियों को निशाना बनाएगा, जिनमें शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक के नाम शामिल थे। हालांकि, उसने अपनी प्राथमिकताओं में एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का नाम नहीं रखा।

ट्रंप और अन्य अधिकारी रहे सुरक्षित

घटना के समय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें, फर्स्ट लेडी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। सीक्रेट सर्विस की तत्परता के कारण बड़ा नुकसान टल गया।

हमलावर की विचारधारा और बयान

मेनिफेस्टो में आरोपी ने अपने हमले को उचित ठहराने की कोशिश भी की और कई विवादित बयान लिखे। उसने खुद को ‘प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने वाला’ बताया और अपने कदम को सही ठहराने के लिए धार्मिक और सामाजिक तर्कों का भी उल्लेख किया।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

हमले के बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के अनुसार, उसके खिलाफ संघीय स्तर पर हथियार रखने और हत्या की कोशिश के गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं।

जांच जारी

फिलहाल अमेरिकी जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमलावर के संपर्क किन लोगों से थे और उसकी मानसिक स्थिति क्या थी। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि उसने अपनी टारगेट लिस्ट में कुछ नामों को क्यों शामिल किया और कुछ को क्यों छोड़ा।

यह घटना अमेरिका में हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *