नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अब दुनिया की नजर Bab el-Mandeb Strait पर टिक गई है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऐसे समय में यमन के हूती विद्रोहियों ने Bab el-Mandeb Strait को सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के लिए बंद करने की धमकी देकर वैश्विक शिपिंग और तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समुद्री मार्ग बाधित होता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतों, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने यमन पर सऊदी अरब की कथित नौसैनिक नाकेबंदी और सना स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों के जवाब में यह कदम उठाया है। विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में छह जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और ऊर्जा बाजार में इस घोषणा को गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या है Bab el-Mandeb Strait?
Bab el-Mandeb दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह लाल सागर (Red Sea) को अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और आगे अरब सागर से जोड़ता है। इसी रास्ते से जहाज स्वेज नहर होते हुए यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच आवाजाही करते हैं। वैश्विक व्यापार का लगभग 12 प्रतिशत और कंटेनर शिपिंग का करीब 25 प्रतिशत इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इसलिए इस जलमार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ गई है इसकी अहमियत?
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बाद Bab el-Mandeb वैश्विक व्यापार और विशेष रूप से तेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है। सऊदी अरब और खाड़ी के कई देश अपने तेल निर्यात के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। यदि यह रास्ता भी असुरक्षित हो जाता है, तो ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
शिपिंग कंपनियों में बढ़ी चिंता
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि वे केवल सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएंगे, लेकिन विशेषज्ञ इस दावे पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रहे हैं। इससे पहले गाजा युद्ध के दौरान भी हूती विद्रोहियों ने इजरायल से जुड़े जहाजों पर हमलों की घोषणा की थी, लेकिन कई ऐसे व्यापारिक जहाज भी हमलों की चपेट में आए जिनका उस संघर्ष से कोई सीधा संबंध नहीं था। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां सुरक्षा कारणों से इस मार्ग का इस्तेमाल कम कर सकती हैं या वैकल्पिक लंबे समुद्री रास्ते अपना सकती हैं।
कैसे कर सकते हैं हमला?
रिपोर्टों के अनुसार, हूती विद्रोही पिछले कई महीनों से इस समुद्री मार्ग को बाधित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनके पास ड्रोन, विस्फोटकों से भरी नौकाएं, समुद्री बारूदी सुरंगें और हेलीकॉप्टरों के जरिए जहाजों पर हमला करने की रणनीति है। हालांकि Bab el-Mandeb के निकट यमन का पूरा तटीय इलाका हूतियों के नियंत्रण में नहीं है, लेकिन वे इतने करीब मौजूद हैं कि समुद्री यातायात को प्रभावित कर सकते हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित असर
यदि Bab el-Mandeb Strait में आवाजाही बाधित होती है, तो यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच माल ढुलाई महंगी और धीमी हो जाएगी। इससे तेल, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक व्यापार पहले से ही कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का संकट अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र की स्थिति पर टिकी हैं। यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए और तनाव बढ़ता है, तो Bab el-Mandeb Strait आने वाले दिनों में वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

