14 May 2026, Thu

होर्मुज के खुलने की कितनी संभावना है? ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम करने पर बातचीत तेज

ईरान-अमेरिका के बीच अस्थायी समझौते की कोशिश तेज, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ खोलने पर चर्चा

Iran और United States के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक बातचीत तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश एक अस्थायी समझौते के प्रारंभिक मसौदे पर चर्चा कर रहे हैं। इस प्रस्ताव में 30 दिनों तक सैन्य कार्रवाई रोकने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz को व्यावसायिक जहाजों के लिए दोबारा खोलने की बात शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव फिलहाल शुरुआती ड्राफ्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को अस्थायी रूप से रोकना और भविष्य में एक व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखना है। पिछले कुछ महीनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और समुद्री हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई थी।

30 दिनों तक रुक सकती हैं सैन्य गतिविधियां

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों देश 30 दिनों के लिए किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोक सकते हैं। इस दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी रहेगी ताकि स्थायी समाधान की दिशा में प्रगति हो सके।

बताया जा रहा है कि इस अस्थायी समझौते की भाषा और शर्तों पर अभी चर्चा जारी है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीतिक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शर्तों को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद

बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है। अमेरिका चाहता है that ईरान अपने उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार और परमाणु गतिविधियों को सीमित करने को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा अमेरिका या किसी अंतरराष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था को सौंप दे। साथ ही अमेरिका ने कथित तौर पर ईरान से उसके तीन प्रमुख परमाणु केंद्र बंद करने और आने वाले 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की मांग की है।

ईरान ने रखा वैकल्पिक प्रस्ताव

ईरान ने अमेरिकी मांगों के जवाब में अपना अलग प्रस्ताव पेश किया है। तेहरान का कहना है कि वह अपने कुछ यूरेनियम को कम संवर्धित स्तर पर लाने और बाकी हिस्से को किसी तीसरे देश, संभवतः रूस, को सौंपने पर विचार कर सकता है।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, देश 10 से 15 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन सीमित करने को तैयार है, लेकिन अपने परमाणु केंद्र पूरी तरह बंद करने पर सहमत नहीं है। यही मुद्दा अब भी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का खुलना क्यों जरूरी?

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हाल के तनाव और हमलों के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा पूरी तरह खुलता है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस महत्वपूर्ण बातचीत पर टिकी हुई हैं।

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