मुंबई: देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के पहली तिमाही (Q1 FY2026-27) के वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। तिमाही नतीजों में शुद्ध लाभ में गिरावट दर्ज होने के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा, जिसका असर शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। मंगलवार को कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत तक टूट गया और 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गया।
बीएसई पर HUL का शेयर शुरुआती कारोबार में मजबूत शुरुआत करते हुए 2,174.75 रुपये पर खुला और कुछ समय के लिए 2,212 रुपये के इंट्राडे हाई तक भी पहुंचा। हालांकि, वित्तीय नतीजे सार्वजनिक होने के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया और शेयर गिरकर 2,024.05 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। यह स्तर कंपनी के 52 सप्ताह के निचले स्तर 2,023.05 रुपये के बेहद करीब है।
पहली तिमाही में घटा शुद्ध मुनाफा
हिंदुस्तान यूनिलीवर के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 2,768 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
हालांकि कंपनी की बिक्री और राजस्व में बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन बढ़े हुए टैक्स खर्च और अन्य लागतों का असर मुनाफे पर पड़ा। यही वजह रही कि निवेशकों ने नतीजों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
टैक्स खर्च में बड़ी बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में टैक्स खर्च बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 526 करोड़ रुपये था। टैक्स खर्च में आई इस तेज बढ़ोतरी ने कंपनी के शुद्ध लाभ को प्रभावित किया।
हालांकि, परिचालन स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रहा। HUL का PBEIT (Profit Before Exceptional Items and Tax) सालाना आधार पर 9.28 प्रतिशत बढ़कर 3,707 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 3,392 करोड़ रुपये था।
बिक्री और राजस्व में मजबूत वृद्धि
कंपनी ने बताया कि पहली तिमाही में उत्पादों की बिक्री से राजस्व 10.26 प्रतिशत बढ़कर 17,149 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 15,552 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार, यह पिछले 13 तिमाहियों की सबसे तेज बिक्री वृद्धि है।
वहीं, अन्य आय को शामिल करते हुए कंपनी की कुल आय 9.84 प्रतिशत बढ़कर 17,529 करोड़ रुपये रही।
EBITDA में भी दर्ज हुई बढ़त
HUL ने बताया कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी का EBITDA मार्जिन 23 प्रतिशत रहा, जो उसके निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 8 प्रतिशत बढ़कर 3,947 करोड़ रुपये पहुंच गया।
हालांकि, इसी दौरान कंपनी का कुल खर्च 10 प्रतिशत बढ़कर 13,822 करोड़ रुपये हो गया, जिससे लाभ पर दबाव बना रहा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि HUL की बिक्री और परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन शुद्ध लाभ में गिरावट और बढ़े हुए टैक्स खर्च ने बाजार की उम्मीदों को प्रभावित किया। इसी वजह से शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी की लागत नियंत्रण रणनीति, मांग में सुधार और आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन पर रहेगी। यदि कंपनी बिक्री वृद्धि को बनाए रखते हुए मुनाफे में सुधार करने में सफल रहती है, तो शेयर में दोबारा मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल, तिमाही नतीजों के बाद HUL के शेयरों में आई गिरावट ने एफएमसीजी सेक्टर के निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दिया है।

