राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मेघालय सरकार ने मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत में याचिका दाखिल की है। राज्य सरकार ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से याचिका पर जल्द सुनवाई करने की मांग की। अदालत ने सरकार की अपील पर मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए सहमति जता दी है।
मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने मामले का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि यह पति की कथित हत्या से जुड़ा गंभीर आपराधिक मामला है। आरोप है कि महिला अपने पति को मेघालय लेकर गई और वहां तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद शव को एक सुनसान स्थान पर फेंक दिया गया था।
राज्य सरकार ने दलील दी कि मामले की गंभीरता, आरोपों की प्रकृति और आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत पर दोबारा विचार किया जाना जरूरी है।
पहले दो बार खारिज हुई थी जमानत
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका पहले दो बार खारिज की जा चुकी थी। निचली अदालतों ने कथित रूप से इस आधार पर जमानत देने से इनकार किया था कि आरोपी के फरार होने और जांच को प्रभावित करने की आशंका है।
हालांकि, बाद में मेघालय हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया से जुड़े आधार पर सोनम को जमानत दे दी। हाई कोर्ट के सामने यह दलील दी गई थी कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को गिरफ्तारी के सभी आधार पूरी तरह और सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
टाइपिंग की गलती को बताया मामूली कमी
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में कोई गंभीर कानूनी कमी नहीं थी। राज्य की ओर से दावा किया गया कि केवल एक धारा लिखने में टाइपिंग की गलती हुई थी। सरकार का कहना है कि इतनी छोटी तकनीकी गलती के आधार पर हत्या जैसे गंभीर मामले की आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से कहा कि इस मामले में आरोपी के फरार होने की वास्तविक आशंका बनी हुई है। इसलिए जमानत के आदेश पर तत्काल विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने मामले को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
सोनम के फरार होने की आशंका
राज्य सरकार ने अपनी याचिका में सोनम रघुवंशी के फरार होने की आशंका को प्रमुख आधार बनाया है। सरकार का कहना है कि आरोपों की गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर बाहर रखना जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
अब सुप्रीम कोर्ट मेघालय हाई कोर्ट के जमानत आदेश, गिरफ्तारी की प्रक्रिया और राज्य सरकार की दलीलों की समीक्षा करेगा। सर्वोच्च अदालत के फैसले से यह तय होगा कि सोनम रघुवंशी की जमानत जारी रहेगी या उसे रद्द किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

