25 Jul 2026, Sat

‘सच्ची लीडरशिप दशकों में मापी जाती है, आपके योगदान के लिए धन्यवाद’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले किरेन रिजिजू

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई नेताओं ने उनके कार्यकाल और शिक्षा क्षेत्र में किए गए योगदान की सराहना की है। नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले का सम्मान करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और शिक्षा सुधारों के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि सच्ची नेतृत्व क्षमता का आकलन वर्षों की सेवा और जनहित में किए गए कार्यों से होता है। रिजिजू ने लिखा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में धर्मेंद्र प्रधान के साथ काम करने के दौरान उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उनका निरंतर समर्पण देखा।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने हर नीति और निर्णय में देश के लाखों छात्रों को केंद्र में रखा। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र का नेतृत्व करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने स्पष्ट सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति और सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। रिजिजू ने उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने भी धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बड़े हितों को प्राथमिकता देते हुए लिया गया उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा की मिसाल है।

नितिन नवीन ने अपने संदेश में कहा कि पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें विश्वास है कि वह आगे भी देशहित में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। उन्होंने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा देश की एकता, विकास और युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया। उनके अनुसार, कम समय में परीक्षा आयोजित कराई गई, उसे लीक-प्रूफ बनाने का प्रयास किया गया और परिणाम भी समय पर घोषित किए गए।

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि कुछ बाहरी ताकतों ने माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान लगातार युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर केंद्रित रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए, जिनमें नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा में सुधार जैसे विषय प्रमुख रहे। यही वजह है कि उनके पद छोड़ने के बाद विभिन्न नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित नेता बताया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी आगे किसे सौंपी जाएगी और सरकार शिक्षा सुधारों की प्रक्रिया को किस दिशा में आगे बढ़ाएगी। फिलहाल, उनके समर्थन में आए नेताओं के बयान यह दर्शाते हैं कि उनके कार्यकाल को पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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