10 Oct 2026, Sat

शरजील इमाम ने किया अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन, कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली: दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने शरजील इमाम की अंतरिम जमानत से जुड़ी शर्तों के कथित उल्लंघन पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने मीडिया से संपर्क नहीं करने की शर्त का उल्लंघन किया। हालांकि, अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द करने का आदेश नहीं दिया, क्योंकि जमानत की अवधि उसी दिन समाप्त हो रही थी और उन्हें जेल में वापस सरेंडर करना था।

यह मामला 10 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश से जुड़ा है। अदालत ने वीडियो का उल्लेख करते हुए बताया कि जिस कमरे में शरजील इमाम मौजूद थे, उसी कमरे में एक समाचार एजेंसी का प्रतिनिधि उनके भाई का इंटरव्यू ले रहा था। अदालत के अनुसार, यह स्थिति अंतरिम जमानत देते समय निर्धारित की गई शर्तों के अनुरूप नहीं थी।

मीडिया से संपर्क नहीं करने की थी शर्त

अदालत ने 22 सितंबर 2026 को अंतरिम जमानत देते समय शरजील इमाम के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की थीं। इनमें मीडिया से संपर्क नहीं करने की शर्त भी शामिल थी। अदालत के सामने पेश किए गए वीडियो के आधार पर इस शर्त के उल्लंघन का मुद्दा उठा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत के दौरान लगाई गई शर्तों का पालन करना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सीमित अवधि के लिए राहत दिए जाने पर उससे जुड़ी शर्तों की अनदेखी नहीं की जा सकती। अदालत की टिप्पणी ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिम जमानत के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

शादी में शामिल होने के लिए मिली थी सात दिन की राहत

शरजील इमाम को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक सात दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी। यह राहत सीमित अवधि और निर्धारित शर्तों के तहत प्रदान की गई थी।

इसी अवधि के दौरान मीडिया से संपर्क को लेकर विवाद सामने आया। अदालत ने मामले से संबंधित वीडियो देखने के बाद अपनी टिप्पणी दर्ज की। हालांकि, अदालत ने अंतरिम जमानत रद्द नहीं की। इसका प्रमुख कारण यह था कि राहत की अवधि समाप्त हो रही थी और संबंधित व्यक्ति को उसी दिन जेल में सरेंडर करना था।

अदालत ने शाम तक सरेंडर करने को कहा

अदालत ने निर्देश दिया कि शरजील इमाम शनिवार शाम तक जेल में वापस सरेंडर करें। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह पहले ही विमान में सवार हो चुके हैं और आत्मसमर्पण करने के लिए दिल्ली पहुंच जाएंगे।

इस मामले में अदालत की टिप्पणी और सरेंडर से जुड़ा निर्देश महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, अंतरिम जमानत की शर्तों के उल्लंघन पर अदालत की सख्त टिप्पणी को जमानत रद्द करने के आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि अदालत ने ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया।

2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा है मामला

शरजील इमाम उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों से संबंधित एक मामले में आरोपी हैं। इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत आरोप दर्ज हैं।

वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

फिलहाल, इस घटनाक्रम में अदालत की प्रमुख चिंता अंतरिम जमानत की शर्तों के पालन और निर्धारित समय पर सरेंडर सुनिश्चित करने को लेकर रही। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित न्यायिक कार्यवाही के अनुसार जारी रहेगी।

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