10 Oct 2026, Sat

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने पाकिस्तान के परमाणु सुरक्षा का लिया जायजा, 12 दिन सर्वे के बाद कही ये बात

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की परमाणु सुरक्षा व्यवस्था का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकलन किया गया है। इस समीक्षा के बाद विशेषज्ञों की टीम ने कहा कि देश में परमाणु सामग्री और परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था मौजूद है। यह आकलन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के विशेष मिशन के तहत किया गया, जिसमें पाकिस्तान के कानूनी ढांचे, नियामक व्यवस्था और परमाणु प्रतिष्ठानों में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।

यह मिशन 28 सितंबर से 9 अक्टूबर तक चला। पाकिस्तान सरकार के अनुरोध पर आयोजित इस कार्यक्रम में सात सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय टीम ने हिस्सा लिया। समीक्षा का उद्देश्य परमाणु सामग्री की सुरक्षा के लिए लागू व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना और भविष्य में सुरक्षा को बेहतर बनाने के संभावित उपायों की पहचान करना था।

पहली बार किया गया विशेष सुरक्षा मिशन

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की टीम ने पाकिस्तान में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय भौतिक सुरक्षा सलाहकार मिशन पूरा किया। इस दौरान पाकिस्तान के परमाणु सुरक्षा से जुड़े कानूनों, नियमों और नियामक संस्थानों की कार्यप्रणाली का आकलन किया गया।

एजेंसी के अनुसार, टीम ने पाया कि पाकिस्तान ने परमाणु सामग्री और परमाणु सुविधाओं की भौतिक सुरक्षा के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। जिस परमाणु सुविधा का निरीक्षण किया गया, वहां भी सुरक्षा उपायों को लागू पाया गया।

इस समीक्षा में यह भी देखा गया कि परमाणु सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा किस तरह की जाती है और उसमें सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। विशेषज्ञों ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर मौजूदा प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

परमाणु प्रतिष्ठानों और इस्तेमाल किए गए ईंधन का निरीक्षण

मिशन के दौरान विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के परमाणु नियामक प्राधिकरण, परमाणु ऊर्जा आयोग और अन्य संबंधित संस्थानों के अधिकारियों से मुलाकात की। टीम ने कराची स्थित परमाणु बिजली उत्पादन केंद्र में बंद किए जा रहे परमाणु संयंत्र की गतिविधियों का भी निरीक्षण किया।

यह संयंत्र पाकिस्तान के शुरुआती परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्ष 1971 में शुरू हुए इस संयंत्र को 2021 में स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। फिलहाल यहां संयंत्र को चरणबद्ध तरीके से बंद करने और उससे संबंधित गतिविधियों पर काम किया जा रहा है।

विशेषज्ञों ने संयंत्र को बंद करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल हो चुके परमाणु ईंधन के भंडारण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परमाणु संयंत्र बंद होने के बाद भी रेडियोधर्मी सामग्री और इस्तेमाल किए गए ईंधन की सुरक्षित निगरानी महत्वपूर्ण बनी रहती है। इसलिए इन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव

इस मिशन का नेतृत्व मोरक्को की परमाणु एवं रेडियोलॉजिकल सुरक्षा संस्था के पूर्व महानिदेशक खम्मर मराबित ने किया। टीम में चीन, रोमानिया, रूस और स्लोवाकिया के विशेषज्ञों के साथ एजेंसी के दो कर्मचारी भी शामिल थे।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने अनुभव के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया और सुधार की संभावनाओं पर सुझाव दिए। एजेंसी ने यह भी रेखांकित किया कि परमाणु सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण और विशेषज्ञता विकसित करने वाला बुनियादी ढांचा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोगी हो सकता है।

परमाणु सुरक्षा में निरंतर सुधार पर जोर

परमाणु सामग्री की सुरक्षा दुनिया भर के देशों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ऐसे में नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, प्रभावी नियमन और सुरक्षा प्रणालियों में समय-समय पर सुधार आवश्यक माने जाते हैं।

इस समीक्षा के निष्कर्ष पाकिस्तान की मौजूदा परमाणु सुरक्षा व्यवस्था का आकलन प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, किसी एक मिशन के निष्कर्षों को देश की प्रत्येक परमाणु सुविधा की सुरक्षा की पूर्ण गारंटी नहीं माना जा सकता। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और सुधार महत्वपूर्ण रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *