29 May 2026, Fri

विराट कोहली को जब आया भयंकर गुस्सा, रवि शास्त्री ने जैसे तैसे रोका, सुनाई पूरी कहानी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अपने आक्रामक अंदाज और मैदान पर जुझारू रवैये के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। विरोधी खिलाड़ियों के साथ उनकी कई यादगार भिड़ंतें क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं। खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबलों में कोहली का अलग ही रूप देखने को मिलता है। अब टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच और क्रिकेटर रवि शास्त्री ने एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसमें विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि उन्हें बीच-बचाव करना पड़ा।

रवि शास्त्री ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान साल 2014-15 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का यह दिलचस्प किस्सा सुनाया। उस समय भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी और दोनों टीमों के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। सीरीज के दौरान विराट कोहली शानदार फॉर्म में थे और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज उन्हें परेशान करने के लिए लगातार आक्रामक रणनीति अपना रहे थे।

शास्त्री के मुताबिक, जब विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तो ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने शुरुआत से ही उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की। एक गेंद सीधे कोहली के सिर की ओर फेंकी गई, जिससे भारतीय बल्लेबाज नाराज हो गए। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मैच के दौरान कई बार ऐसा मौका आया जब दोनों एक-दूसरे को घूरते और शब्दों के जरिए मानसिक दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आए।

रवि शास्त्री ने बताया कि हालात तब और गंभीर हो गए जब लंच ब्रेक के दौरान दोनों टीमें ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रही थीं। उस समय विराट कोहली का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। शास्त्री ने महसूस किया कि मामला बढ़ सकता है, इसलिए उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कोहली को अपने पास बुलाया और कहा कि वह अपना पूरा ध्यान बल्लेबाजी पर लगाएं और बाकी चीजों को नजरअंदाज करें।

शास्त्री ने हंसते हुए कहा कि आज भी जब वह उस घटना को याद करते हैं तो उन्हें उस समय की तीव्रता का एहसास होता है। हालांकि कोहली ने उस गुस्से को अपनी बल्लेबाजी में बदल दिया और पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया।

अगर उस बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की बात करें तो भारतीय टीम के लिए परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन विराट कोहली ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया था। उन्होंने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 692 रन बनाए थे और उनका औसत 86.50 का रहा था। इस दौरान कोहली ने चार शानदार शतक भी जड़े थे, जिसने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम साबित किया।

विराट कोहली और मिचेल जॉनसन के बीच हुई यह टक्कर आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार किस्सा है। यह घटना बताती है कि मैदान पर कोहली कितने जुनूनी खिलाड़ी हैं और किस तरह वह दबाव को अपने प्रदर्शन में बदलने की क्षमता रखते हैं। वहीं रवि शास्त्री की सूझबूझ ने उस समय एक संभावित विवाद को बढ़ने से रोक दिया था।

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