भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यानी सेना के उप प्रमुख का पदभार संभाल लिया। उन्हें करीब चार दशक का सैन्य अनुभव है। लेफ्टिनेंट जनरल जैन इससे पहले पुणे स्थित दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। सेना की दक्षिणी कमान ने उनके पदभार ग्रहण करने की जानकारी साझा की है।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने जनरल धीरज सेठ के स्थान पर यह जिम्मेदारी संभाली है। जनरल धीरज सेठ ने 30 जून 2026 को देश के 31वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद खाली हुए वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ के पद पर लेफ्टिनेंट जनरल जैन की नियुक्ति हुई।
जून 1988 में महार रेजिमेंट में हुए थे कमीशन
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए के पूर्व छात्र हैं। उन्हें जून 1988 में भारतीय सेना की महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था। करीब 38 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने अलग-अलग भौगोलिक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर सेवाएं दी हैं। वह महार रेजिमेंट के कर्नल भी हैं।
उन्होंने अर्ध-विकसित और अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान भी एक इन्फैंट्री बटालियन का नेतृत्व किया। वह स्ट्राइक कोर में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, उत्तरी कमान में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स और एक पिवट कोर की कमान भी संभाल चुके हैं।
ऑपरेशन पवन और LOC पर तैनाती का अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल जैन के सैन्य अनुभव में श्रीलंका में चलाए गए ऑपरेशन पवन में भागीदारी भी शामिल है। वह इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर भारत में कई बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों में जिम्मेदारी निभाई है।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने उत्तरी कमान में एक महत्वपूर्ण कोर की कमान संभाली। बाद में वह दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त हुए। इस दौरान उन्होंने सैन्य क्षमता के विकास, बलों के पुनर्गठन और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अप्रैल में संभाली थी दक्षिणी कमान
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने 1 अप्रैल 2026 को दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला था। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने रेगिस्तान, रण एवं क्रीक सेक्टर, समुद्री तट, द्वीपीय क्षेत्रों और आंतरिक इलाकों में परिचालन तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया था। उन्होंने संयुक्त सैन्य क्षमता, स्वदेशी रक्षा विकास और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही थी।
लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या से नेशनल डिफेंस कोर्स किया है। भारतीय सेना में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। सेना के उप प्रमुख के रूप में उनके व्यापक परिचालन, प्रशिक्षण और कमांड अनुभव को भारतीय सेना की भविष्य की रणनीतिक तथा सैन्य तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

