15 Jun 2026, Mon

रेल कर्मचारियों के लिए फ्री पार्किंग की सुविधा खत्म, स्टेशन पर काम करने वालों को भी देनी होगी पार्किंग फीस

दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर पार्किंग व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। यहां रेल कर्मचारियों के लिए पहले उपलब्ध फ्री पार्किंग सुविधा को अब खत्म कर दिया गया है। इस फैसले के बाद स्टेशन पर काम करने वाले कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी तक दे दी है।

जानकारी के अनुसार, पार्किंग ठेकेदारों ने अपने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब पार्किंग शुल्क सभी से वसूला जाएगा, चाहे वह आम यात्री हो या रेलवे का कर्मचारी। इसके बाद से स्टेशन परिसर में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है।

रेल कर्मचारियों को मिली केवल 50% छूट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेल कर्मचारियों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, लेकिन कर्मचारी इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि पहले उन्हें यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त मिलती थी, लेकिन अब अचानक शुल्क लागू कर दिया गया है, जिससे असंतोष बढ़ गया है।

कर्मचारियों में नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने पहले कभी भी स्टेशन परिसर में वाहन खड़ा करने के लिए कोई शुल्क नहीं दिया था। अब अचानक पार्किंग शुल्क लागू किए जाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। सोमवार सुबह से ही पार्किंग कर्मचारियों और रेल कर्मियों के बीच कई बार बहस और विवाद की स्थिति देखी गई।

कर्मचारियों ने इस मुद्दे को लेकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मंडल स्तर पर लिया गया है और इसमें बदलाव केवल उच्च स्तर पर ही संभव है।

इस स्थिति से नाराज कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है और कहा है कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

रेलवे प्रशासन का फैसला और स्थिति

रेलवे प्रशासन का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय उनके हितों के खिलाफ है और इससे दैनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है।

अन्य स्टेशनों पर भी नजर

इसी बीच चर्चा यह भी है कि दिल्ली के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी पार्किंग शुल्क से जुड़े नियमों की समीक्षा की जा सकती है। ऐसे में यह मुद्दा सिर्फ हजरत निजामुद्दीन स्टेशन तक सीमित नहीं रह सकता।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की नजर रेलवे प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस विवाद का कोई समाधान निकाला जाएगा ताकि कामकाज सामान्य रूप से चल सके।

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