रविवार 5 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। इस दिन दोपहर 3 बजकर 13 मिनट तक राहु का नक्षत्र शतभिषा रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार रविवार और शतभिषा नक्षत्र के इस विशेष संयोग में कुछ धार्मिक उपाय करने से सूर्य और राहु ग्रह से जुड़े शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
हिंदू धर्म और ज्योतिष में रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है, जबकि शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु माने गए हैं। ऐसे में रविवार के दिन शतभिषा नक्षत्र का संयोग करियर, धन, दांपत्य जीवन और मानसिक शांति से जुड़े उपायों के लिए विशेष माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
नौकरी और विदेशी कंपनी में अवसर के लिए उपाय
अगर आप किसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी पाना चाहते हैं या विदेशी कंपनी के साथ काम करने की इच्छा रखते हैं, तो रविवार को शतभिषा नक्षत्र में चंदन की एक गोली मंदिर में स्थापित करें। उसकी विधिपूर्वक पूजा करने के बाद राहु स्तुति का पाठ करें।
राहु स्तुति का मंत्र है—
“अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्य विमर्दनम्।
सिंहिका गर्भ सम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्।”
पूजा के बाद चंदन की गोली को सफेद धागे में पिरोकर गले में पहन सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे नौकरी और करियर से जुड़े अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
करियर में तरक्की के लिए कदंब की पूजा
करियर में सफलता और उन्नति के लिए कदंब के पेड़ की पूजा करना शुभ माना गया है। रविवार को कदंब के पेड़ के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम करें। अगर आसपास कदंब का पेड़ उपलब्ध न हो, तो उसकी तस्वीर का दर्शन भी किया जा सकता है।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार, इस दिन किसी गोलाकार आकृति या खाली वृत्त को देखना भी शुभ माना जाता है।
धन वृद्धि के लिए करें यह उपाय
धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के लिए एक छोटा मिट्टी का कलश लेकर उसमें चावल भरें। चावल के ऊपर एक रुपये का सिक्का और हल्दी की गांठ रखें। कलश को ढककर माता लक्ष्मी का ध्यान करें और फिर उसे किसी मंदिर के पुजारी को दान कर दें।
दांपत्य जीवन में खुशहाली का उपाय
अगर पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव चल रहा है, तो रविवार रात सोते समय दो कपूर की टिकिया और थोड़ी रोली सिरहाने के पास रखें। अगली सुबह कपूर को घर के बाहर जलाएं और रोली को पानी में मिलाकर सूर्यदेव को अर्पित करें।
सकारात्मक ऊर्जा के लिए सूर्य को जल दें
रविवार सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को जल अर्पित करें। जल देते समय इस मंत्र का जप करें—
“ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्याय श्रीं।”
मान्यता है कि इससे घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
आंखों के स्वास्थ्य के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र
आंखों से जुड़ी परेशानियों से बचाव के लिए सूर्यदेव को प्रणाम करके आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है। हालांकि किसी भी तरह की आंख संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है।
विरोधियों से परेशानी हो तो करें यह उपाय
सवा किलो जौ या गेहूं के दानों को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी भारी वस्तु के नीचे दबाकर रखें। अगली बार शतभिषा नक्षत्र आने पर इन्हें निकालकर किसी धार्मिक स्थान पर दान कर दें।
वहीं पिता के साथ रिश्तों में तनाव दूर करने के लिए “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” मंत्र का 51 बार जप किया जा सकता है। ये सभी उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

