उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सरकार ने मत्स्य विभाग के निदेशक एन.एस. रहमानी समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई योजना के क्रियान्वयन, ठेका प्रक्रिया और विभागीय संपत्तियों के संरक्षण में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में मत्स्य निदेशक एन.एस. रहमानी, मत्स्य अधिकारी श्वेता सिंह, आकाशदीप, राजेंद्र और खुर्शीद आलम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
बिना अनुमति ठेका देने का आरोप
एन.एस. रहमानी पर आरोप है कि उन्होंने सोनभद्र के रिहंद जलाशय में मछली पकड़ने का ठेका मत्स्य महानिदेशक की अनुमति के बिना प्रदान किया। इसके अलावा लखनऊ में मत्स्य विभाग की भूमि के संरक्षण और सीमांकन से जुड़े मामलों में भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, विभागीय भूमि को राजस्व अभिलेखों में सुरक्षित दर्ज कराने और अतिक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जबकि इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा निर्देश जारी किए गए थे।
2020 से 2023 तक योजना में लापरवाही के आरोप
आदेश में उल्लेख किया गया है कि एन.एस. रहमानी ने 2020 से 2023 के बीच प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के संचालन के दौरान कई मामलों में लापरवाही बरती। आरोप है कि योजना के तहत विभिन्न ठेकों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों का पालन नहीं किया गया और कई निर्णयों में मनमानी की गई।
सरकार ने यह भी कहा कि इन मामलों में वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अनदेखी किए जाने की शिकायतें मिली थीं।
विभागीय भूमि के संरक्षण में चूक
निलंबन आदेश में लखनऊ के चकमल्लौरी, विकास खंड चिनहट स्थित मत्स्य विभाग की भूमि का विशेष उल्लेख किया गया है। यह भूमि गाटा संख्या 16, क्षेत्रफल 0.733 हेक्टेयर बताई गई है।
आरोप है कि इस भूमि का अमल दरामद, खारिज दाखिल और सीमांकन कार्य समय पर नहीं कराया गया, जिससे विभाग के नाम भूमि दर्ज नहीं हो सकी और अतिक्रमण की संभावना बनी रही।
सरकार का कहना है कि यदि समय रहते सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां करा दी जातीं, तो भूमि विवाद और अतिक्रमण की स्थिति से बचा जा सकता था।
अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
एन.एस. रहमानी के अलावा निलंबित किए गए अन्य चार अधिकारियों पर भी योजना के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप हैं। सरकार ने सभी मामलों की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और मछुआरा समुदाय की आय में वृद्धि करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में विभिन्न विभागों में योजनाओं के क्रियान्वयन और ठेका प्रक्रियाओं की समीक्षा तेज की है। अधिकारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई इसी सख्त निगरानी का हिस्सा मानी जा रही है।
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

