उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है। लाखों शिवभक्तों के जिले से गुजरने के बीच मुस्लिम समाज ने शांति, सहयोग और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 11 सूत्रीय जनहित अपील जारी की है। शहर के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं और समाज के जिम्मेदार लोगों ने बैठक कर सभी नागरिकों से कांवड़ यात्रियों का सम्मान करने और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की है।
कांवड़ यात्रा को बताया आस्था का पर्व
5 अगस्त की शाम आयोजित बैठक में शाह लाइब्रेरी के संस्थापक मौलाना कारी खालिद हुसैन ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर पर हर नागरिक का दायित्व है कि वह श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करे और यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग दे।
मौलाना ने कहा कि मुस्लिम समाज कांवड़ यात्रियों का दिल से स्वागत करता है और यात्रा को सफल एवं शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की भी अपील की।
11 सूत्रीय गाइडलाइन जारी
बैठक में मौजूद सभी लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बढ़ती भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए मुस्लिम समाज पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रशासन का सहयोग करेगा। इसी उद्देश्य से फलाह इंसानियत सोसाइटी की ओर से 11 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की गई है।
इस अपील को मुस्लिम बहुल इलाकों के साथ-साथ कई धार्मिक स्थलों के बाहर भी लगाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इन दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर उनका पालन कर सकें।
यात्रा मार्गों को सुचारु रखने की अपील
जारी दिशा-निर्देशों में लोगों से कांवड़ यात्रा मार्गों को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है। अपील में कहा गया है कि अनावश्यक रूप से यात्रा मार्गों पर आवाजाही से बचें और दोपहिया व चारपहिया वाहनों के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
इसके अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संयम बरतने, यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सम्मान करने की भी अपील की गई है।
कानून हाथ में न लेने की सलाह
11 सूत्रीय अपील में यह भी कहा गया है कि यदि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, विवाद या दुर्घटना होती है, तो लोग कानून अपने हाथ में न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
समाज के प्रतिनिधियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश साझा न करने और शांति बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
सौहार्द का संदेश बना चर्चा का विषय
मुजफ्फरनगर में मुस्लिम समाज की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। सामाजिक और धार्मिक संगठनों का मानना है कि इस तरह के प्रयास आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान जारी यह 11 सूत्रीय जनहित अपील केवल एक प्रशासनिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी सम्मान का संदेश भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पहल से जिले में भाईचारे और सद्भाव का वातावरण और मजबूत होगा, जिससे कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगी।

