14 Jul 2026, Tue

‘मन्नत’ के रेनोवेशन का रास्ता हुआ साफ, शाहरुख खान के घर में जुड़ेगी अतिरिक्त मंजिल, सुपरस्टार को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

Shah Rukh Khan Mannat Renovation: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को मुंबई स्थित उनके बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने ‘मन्नत’ में दो अतिरिक्त मंजिलें बनाने के लिए दी गई कोस्टल रेगुलेशन जोन यानी CRZ मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इससे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले और संबंधित अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरियां बरकरार रहेंगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शाहरुख खान को सीधे नई निर्माण अनुमति नहीं दी है। अदालत ने CRZ मंजूरी के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया है। इस फैसले के बाद तय नियमों और पहले से मिली मंजूरियों के अनुसार रेनोवेशन का रास्ता साफ हो गया है।

तीन जजों की पीठ ने की सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की अपील पर सुनवाई की। अपील में महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी द्वारा तीन जनवरी 2025 को जारी CRZ मंजूरी पर सवाल उठाया गया था। यह मंजूरी ‘मन्नत’ की मौजूदा छह मंजिला इमारत के ऊपर सातवीं और आठवीं आवासीय मंजिल बनाने से संबंधित है। प्रस्ताव में आंतरिक सीढ़ियों से जुड़े एक डुप्लेक्स आवास का निर्माण भी शामिल है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने दलील दी कि मामले को केवल इसलिए अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि यह एक बड़े फिल्म अभिनेता से जुड़ा है। इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत शाहरुख खान की लोकप्रियता से प्रभावित होकर फैसला नहीं कर रही है।

याचिकाकर्ता के इरादे पर कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता की मंशा पर गंभीर संदेह जताया। अदालत ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने लागू कानूनों का पर्याप्त रूप से पालन किया है। पीठ ने टिप्पणी की कि यह एक निजी आवासीय संपत्ति है और यदि उसके निवासी कानून का पालन करते हुए उसमें बदलाव करना चाहते हैं, तो किसी पड़ोसी या अन्य व्यक्ति को अनावश्यक हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए।

याचिकाकर्ता ने मामले को दोबारा विचार के लिए एनजीटी के पास भेजने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इससे सहमत नहीं हुआ और अपील खारिज कर दी।

एनजीटी भी खारिज कर चुका था चुनौती

इससे पहले एनजीटी की पश्चिमी क्षेत्र पीठ ने भी CRZ मंजूरी के खिलाफ दायर अपील को शुरुआती स्तर पर खारिज कर दिया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी की मंजूरी में किसी कानूनी या प्रक्रियात्मक गड़बड़ी का प्रमाण नहीं दिया गया।

एनजीटी के अनुसार प्रस्तावित निर्माण केवल मौजूदा इमारत के ऊपर दो मंजिलें जोड़ने तक सीमित है और इसमें जमीन पर किसी तरह का क्षैतिज विस्तार शामिल नहीं है। संबंधित स्थान को स्वीकृत कोस्टल जोन मैनेजमेंट प्लान के तहत CRZ-II क्षेत्र में पाया गया था। मुंबई नगर निगम ने भी सात नवंबर 2024 को भवन योजना को स्वीकृति दी थी।

शाहरुख खान और उनका परिवार रेनोवेशन के कारण अस्थायी रूप से ‘मन्नत’ से बाहर रह रहा है। एनजीटी और अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद नियमों के दायरे में बंगले के विस्तार और रेनोवेशन का काम आगे बढ़ सकेगा।

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