Samay Raina Supreme Court Case: सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने पुराने निर्देशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई और कहा कि रैना के व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया। जुर्माने की राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करने का आदेश दिया गया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने समय रैना सहित पांच लोगों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने शुरुआत में दस लाख रुपये का जुर्माना लगाने पर विचार किया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर प्रत्येक व्यक्ति के लिए तीन लाख रुपये कर दिया गया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर जुर्माने की राशि और बढ़ाई जा सकती है।
कोर्ट ने क्यों जताई नाराजगी?
यह मामला दिव्यांग लोगों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के बारे में कथित रूप से असंवेदनशील टिप्पणियां किए जाने से जुड़ा है। Cure SMA India Foundation की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी यानी SMA के इलाज पर आने वाले खर्च और इससे प्रभावित एक व्यक्ति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स को दिव्यांग व्यक्तियों के इलाज के लिए बनाए गए कोष में धन जुटाने के उद्देश्य से हर महीने कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों को अपने कार्यक्रमों में शामिल करने और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कहा गया था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने दावा किया कि समय रैना ने न तो संस्था से संपर्क किया और न ही उससे जुड़े SMA पीड़ित लोगों को अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया। रैना की ओर से अदालत को बताया गया कि कार्यक्रमों के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए करीब नौ लाख रुपये जुटाए गए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि मामला केवल धन जुटाने का नहीं, बल्कि कोर्ट के निर्देशों और दिव्यांग लोगों की गरिमा का सम्मान करने का है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी
पीठ ने टिप्पणी की कि समय रैना ने अदालत के आदेशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया और रिकॉर्ड पर दस्तावेज मौजूद नहीं होने के बावजूद हलफनामा दाखिल किए जाने की बात कही गई। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जीवन और सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले कलाकारों को समाज के सभी वर्गों की भावनाओं और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
अदालत ने समय रैना और अन्य संबंधित लोगों को अपने पुराने निर्देशों का पालन करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं करने या निर्देशों का दोबारा उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यह कार्यवाही समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में हुई है। शो के कंटेंट और उसमें की गई टिप्पणियों को लेकर पहले भी कई शिकायतें और कानूनी मामले सामने आ चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है।

