1 Jun 2026, Mon

भारत में नया अंडरवर्ल्ड जिहाद ब्रिगेड बनाने की थी तैयारी, कराची से हैंडल कर रहा था दाऊद का गुर्गा मुन्ना झिंगाड़ा; हुआ बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक पुराने चेहरे मुन्ना झिंगाड़ा की भूमिका इस पूरे मॉड्यूल में महत्वपूर्ण हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मुन्ना झिंगाड़ा कथित रूप से पाकिस्तान के कराची शहर से इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह डिजिटल माध्यमों और वीडियो कॉल के जरिए भारत में मौजूद अपने संपर्कों के साथ लगातार संपर्क में था और नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि नेटवर्क से जुड़े कुछ लोगों को आर्थिक सहायता और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का उद्देश्य भारत में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना था। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और कई पहलुओं की पुष्टि की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्हें विभिन्न गतिविधियों के लिए धन और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या सीमा पार से हथियारों और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति की कोई योजना बनाई गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय लोगों को एक मंच पर लाना और उन्हें संगठित करना था। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के कारण ऐसे नेटवर्कों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यही कारण है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाती है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों की पहचान करने में जुटी हैं जो इस कथित नेटवर्क के संपर्क में थे। कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी है। इसके अलावा डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन और ऑनलाइन संचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

फिलहाल इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और सीमा पार से संचालित होने वाले कथित नेटवर्कों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।

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