मुंबई: मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय मॉडल हर्षा सनी को कथित तौर पर हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मॉडल के पास से 11 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। इस मामले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क और भारत में बढ़ती हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, हर्षा सनी बैंकॉक से एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए मुंबई पहुंची थीं। कस्टम अधिकारियों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद एयरपोर्ट पर उनकी विस्तृत जांच की गई। तलाशी के दौरान उनके ट्रॉली बैग से 12 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में इन पैकेटों के भीतर हरे रंग का संदिग्ध पदार्थ पाया गया।
कस्टम विभाग द्वारा एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) परीक्षण किट से जांच किए जाने पर यह पदार्थ कैनबिस की सूखी फूल और फलयुक्त कलियां निकला, जिसे हाइड्रोपोनिक वीड या हाइड्रोपोनिक गांजा बताया गया। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 11 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हर्षा सनी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
कौन हैं हर्षा सनी?
हर्षा सनी एक मॉडल हैं और वर्ष 2025 में आयोजित मिसेज केरल ब्यूटी प्रतियोगिता की प्रतिभागी भी रह चुकी हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया और मॉडलिंग जगत में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक उनके किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक गांजा एक विशेष तकनीक के माध्यम से उगाया जाता है, जिसमें पौधों को मिट्टी के बजाय नियंत्रित वातावरण में पोषक तत्वों से भरपूर पानी की सहायता से विकसित किया जाता है। इस प्रक्रिया में तापमान, रोशनी और नमी को विशेष रूप से नियंत्रित किया जाता है, जिससे पौधों की गुणवत्ता और प्रभाव बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य गांजे में टीएचसी (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल) की मात्रा लगभग 3 से 4 प्रतिशत तक होती है, जबकि हाइड्रोपोनिक गांजे में यह 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसी कारण इसे अधिक प्रभावशाली और महंगा माना जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से बैंकॉक, हाल के वर्षों में इस प्रकार के गांजे की अवैध तस्करी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद हवाई मार्ग से हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं। हर्षा सनी की गिरफ्तारी को भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

