मध्य प्रदेश के सागर जिले से सामने आया एक वीडियो बारिश के मौसम में ग्रामीण इलाकों की बुनियादी समस्याओं को उजागर कर रहा है। रहली जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेरखेरी कलां में कोपरा नदी पर बनी क्षतिग्रस्त पुलिया स्कूली छात्राओं के लिए बड़ा खतरा बन गई है। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ने के बाद छात्राएं ग्रामीणों की मदद से पुलिया पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, गढ़ाकोटा नगर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित बेरखेरी कलां गांव में कोपरा नदी पर बनी पुलिया काफी समय से क्षतिग्रस्त है। बरसात के दौरान पुलिया पर पानी भर जाता है और उसका एक हिस्सा टूट जाने के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो जाता है। इसके बावजूद स्कूल जाने वाले बच्चों के पास कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों के सहारे पार कर रही हैं नदी
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्राएं बहते पानी के बीच एक-एक कर पुलिया पार कर रही हैं। कई जगह पानी का बहाव तेज दिखाई दे रहा है। छात्राओं का संतुलन बिगड़ने से बचाने के लिए ग्रामीण उनका हाथ पकड़कर उन्हें सुरक्षित पार कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह दृश्य न केवल भयावह है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी सामने लाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह पुलिया सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को पुलिया की मरम्मत की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
स्कूल पहुंचने का यही एक प्रमुख रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिया ही आसपास के कई गांवों को स्कूल और मुख्य सड़क से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इसलिए छात्राओं के सामने पढ़ाई छोड़ने या जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें हर दिन बच्चों की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि पुलिया की समय रहते मरम्मत कर दी जाती या अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था बना दी जाती, तो बच्चों को इस तरह जोखिम उठाकर नदी पार नहीं करनी पड़ती।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की मरम्मत होने तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग, अस्थायी पुल या नाव जैसी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी दुर्घटना की आशंका भी न रहे।
बारिश के मौसम में मध्य प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल-पुलियों की खराब स्थिति सामने आती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, क्योंकि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा जब बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
फिलहाल बेरखेरी कलां की छात्राओं का यह वीडियो एक गंभीर चेतावनी की तरह सामने आया है। अगर समय रहते क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

