पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नई सरकार के गठन और मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री पूरी तरह “एक्शन मोड” में नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरे बंगाल में सक्रिय आपराधिक गिरोहों, अवैध खनन गतिविधियों और पशु तस्करी पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था को हर हाल में मजबूत किया जाएगा।
सरकारी आदेश में विशेष रूप से उन इलाकों पर नजर रखने को कहा गया है, जहां लंबे समय से अवैध रेत और कोयला खनन की शिकायतें मिलती रही हैं। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में पशु तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दिखें। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी तरह की राजनीतिक या बाहरी दबाव में आकर कार्रवाई में ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
राज्य में सक्रिय विभिन्न गिरोहों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को नियमित छापेमारी और निगरानी अभियान चलाने को कहा गया है, ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
सरकार के इस कदम को कानून व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। लंबे समय से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अवैध खनन और तस्करी को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिस पर अब सख्त रुख अपनाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार का यह “एक्शन मोड” राज्य में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही को बढ़ा सकता है। वहीं आम लोगों में भी उम्मीद है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इन निर्देशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाने की संभावना है।

