नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पुरुष क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी विभाग में बड़ा बदलाव करते हुए दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर माइकल स्मिथ को नया बैटिंग कोच नियुक्त किया है। बोर्ड ने उन्हें दो साल के अनुबंध पर नियुक्त किया है और वह टेस्ट तथा सीमित ओवरों, दोनों प्रारूपों में पाकिस्तान टीम के साथ काम करेंगे।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पाकिस्तान की बल्लेबाजी लगातार आलोचनाओं के घेरे में रही है। हाल के वर्षों में टीम का प्रदर्शन खासकर टेस्ट क्रिकेट में निराशाजनक रहा है, जिसके बाद बोर्ड ने बल्लेबाजी को मजबूत करने के उद्देश्य से यह अहम कदम उठाया है।
इंग्लैंड दौरे से संभालेंगे जिम्मेदारी
PCB के अनुसार, 46 वर्षीय माइकल स्मिथ इंग्लैंड के खिलाफ 19 अगस्त से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम के साथ जुड़ जाएंगे। फिलहाल पाकिस्तान टीम वेस्टइंडीज दौरे पर टेस्ट सीरीज खेल रही है, लेकिन स्मिथ की नियुक्ति को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बोर्ड को उम्मीद है कि स्मिथ का अनुभव पाकिस्तान के बल्लेबाजों को तकनीकी और मानसिक दोनों स्तरों पर मजबूती देगा।
घरेलू क्रिकेट में रहा शानदार रिकॉर्ड
माइकल स्मिथ का प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2003 से 2013 के बीच 89 फर्स्ट क्लास, 72 लिस्ट-ए और 16 टी20 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने तीनों प्रारूपों में मिलाकर 7,029 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 40 अर्धशतक शामिल हैं।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें एक मजबूत तकनीकी बल्लेबाज के रूप में पहचान दिलाई।
कोचिंग का लंबा अनुभव
माइकल स्मिथ के पास कोचिंग का भी व्यापक अनुभव है। उनके पास लेवल-4 कोचिंग क्वालिफिकेशन है, जिसे क्रिकेट कोचिंग के सबसे उच्च प्रमाणपत्रों में गिना जाता है।
वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की कई फ्रेंचाइजियों के साथ काम कर चुके हैं। इनमें इस्लामाबाद यूनाइटेड, कराची किंग्स और मुल्तान सुल्तान्स शामिल हैं। इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया की होबार्ट हरिकेन्स और क्रिकेट तस्मानिया के साथ भी बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा चुके हैं।
दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने केजेडएन इनलैंड और ईस्टर्न प्रोविंस टीमों के साथ कोचिंग कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया है।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चुनौती
हाल के वर्षों में पाकिस्तान की बल्लेबाजी लगातार अस्थिर रही है। विदेशी दौरों पर टीम बड़े स्कोर बनाने में संघर्ष करती रही है और मध्यक्रम का प्रदर्शन भी अपेक्षित स्तर का नहीं रहा।
ऐसे में माइकल स्मिथ की नियुक्ति को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उनका मुख्य लक्ष्य बल्लेबाजों की तकनीक सुधारना, लंबे प्रारूप में निरंतरता लाना और टीम में आत्मविश्वास बढ़ाना होगा।
अगले दो साल होंगे अहम
स्मिथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड दौरे से शुरू होगी, जहां पाकिस्तान को मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना पड़ेगा। यदि वह बल्लेबाजी विभाग में सुधार लाने में सफल रहते हैं, तो पाकिस्तान टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बड़ा फायदा मिल सकता है।
PCB को उम्मीद है कि माइकल स्मिथ के मार्गदर्शन में पाकिस्तान की बल्लेबाजी नई दिशा पकड़ेगी और टीम आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल होगी।

