मुंबई: फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में शाहरुख खान की बेटी अंजली का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सना सईद ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद निजी और भावुक अनुभव साझा किया है। सना ने खुलासा किया कि वह करीब छह साल तक बुलिमिया (Bulimia) नामक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर से जूझती रहीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें यह तक नहीं पता था कि यह एक मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी मेडिकल स्थिति है। जानकारी के अभाव और सामाजिक दबाव के कारण उन्होंने लंबे समय तक इस समस्या को अकेले झेला।
एक इंटरव्यू में सना ने कहा कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ खाने से नहीं, बल्कि खुद को स्वीकार करने और समाज द्वारा बनाए गए सौंदर्य मानकों से भी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी कहानी उन लोगों की मदद करेगी जो इसी तरह की समस्या से गुजर रहे हैं।
बॉडी इमेज और समाज का दबाव बना बड़ी वजह
सना सईद ने बताया कि कॉलेज के दिनों में ‘साइज जीरो’ का चलन काफी बढ़ गया था। हर तरफ वजन कम करने, डाइटिंग और पतले दिखने की होड़ लगी हुई थी। ऐसे माहौल में लोगों का ध्यान सिर्फ बाहरी खूबसूरती पर था, जबकि मानसिक स्वास्थ्य और सही पोषण जैसे अहम विषयों पर बहुत कम बात होती थी।
उन्होंने कहा कि मनोरंजन उद्योग में होने के कारण यह दबाव और भी बढ़ गया था। कैमरे के सामने रहने और लगातार अपने लुक्स को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सुनने से उनके मन पर गहरा असर पड़ा। धीरे-धीरे खाने के साथ उनका रिश्ता अस्वस्थ होता गया और वह बुलिमिया की शिकार हो गईं।
छह साल तक नहीं समझ पाईं बीमारी
सना ने बताया कि कई वर्षों तक उन्हें यह एहसास ही नहीं हुआ कि वह किसी मेडिकल कंडिशन से गुजर रही हैं। उन्हें लगता था कि यह सिर्फ उनकी एक बुरी आदत है, जिसे उन्हें खुद ही बदलना होगा। इस दौरान वह शर्मिंदगी, अपराधबोध और अकेलेपन से जूझती रहीं।
बाद में स्वास्थ्य और जीवनशैली पर आधारित एक किताब पढ़ने के दौरान उन्हें पहली बार पता चला कि उनकी समस्या का नाम बुलिमिया है। इसके बाद उन्होंने अपनी जीवनशैली में बदलाव किए, सही मार्गदर्शन लिया और धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़ीं।
पूरी तरह ठीक होने में लगे चार साल
अभिनेत्री ने बताया कि बीमारी की पहचान होने के बाद भी पूरी तरह स्वस्थ होने में उन्हें करीब चार साल का समय लगा। उनका कहना है कि अगर उन्हें शुरुआत में ही इस बीमारी के बारे में जानकारी मिल जाती, तो शायद वह कहीं जल्दी ठीक हो सकती थीं।
सना ने यह अनुभव सार्वजनिक करने का फैसला इसलिए किया ताकि मानसिक स्वास्थ्य और ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याओं पर खुलकर बात हो सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की परेशानियों से गुजर रहे लोगों को यह समझना चाहिए कि वे अकेले नहीं हैं और समय पर सही मदद लेना बेहद जरूरी है।
लॉस एंजिल्स में नई शुरुआत
सना सईद ने वर्ष 2016 में अभिनय और फिल्म निर्माण की पढ़ाई के लिए लॉस एंजिल्स का रुख किया था। कुछ समय मुंबई में रहने के बाद उन्होंने 2021 में स्थायी रूप से अमेरिका में बसने का फैसला किया।
वर्तमान में वह अपने पति कसाबा वैगनर के साथ लॉस एंजिल्स में रह रही हैं। दोनों मिलकर ‘बियॉन्ड मैजिक स्टूडियोज’ नाम की एक प्रोडक्शन कंपनी चला रहे हैं। सना का कहना है कि अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ जीवन और काम दोनों साझा करना उनके लिए बेहद खुशी की बात है।
बाल कलाकार से सफल अभिनेत्री तक का सफर
सना सईद ने 1998 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ से बाल कलाकार के रूप में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद वह ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ और ‘बादल’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। साल 2012 में उन्होंने ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बड़े पर्दे पर वापसी की। फिल्मों के अलावा उन्होंने कई टीवी धारावाहिकों और रियलिटी शोज जैसे ‘झलक दिखला जा’, ‘नच बलिए’ और ‘खतरों के खिलाड़ी’ में भी हिस्सा लिया।
सना सईद की यह कहानी इस बात की याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याएं वास्तविक होती हैं। समय पर सही जानकारी, पेशेवर सहायता और परिवार का सहयोग किसी भी व्यक्ति की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

