14 Jul 2026, Tue

पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ा एक्शन, कोर्ट ने आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ जारी किया सख्त आदेश

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की जांच में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। जम्मू की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह आदेश राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की याचिका पर दिया गया। जांच एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में सईद को हमले की कथित साजिश का प्रमुख आरोपी बनाया है।

पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 पर्यटक और जम्मू-कश्मीर का एक स्थानीय नागरिक शामिल था। आतंकियों ने पर्यटकों पर नजदीक से गोलीबारी की थी। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था।

6 जुलाई को दाखिल हुई थी सप्लीमेंट्री चार्जशीट

NIA ने हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट 6 जुलाई 2026 को जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल की थी। एजेंसी ने दावा किया कि जांच के दौरान पाकिस्तान में रची गई कथित साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और उससे संबंधित साक्ष्यों की जानकारी अदालत के सामने रखी गई है। आधिकारिक NIA रिकॉर्ड में भी चार्जशीट जारी होने की तारीख 6 जुलाई दर्ज है।

रिपोर्ट के अनुसार, विशेष अदालत ने 8 जुलाई को गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए सईद की गिरफ्तारी तथा हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। वारंट जारी होने के बाद NIA अब उसे घोषित अपराधी बनाने से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।

गैरमौजूदगी में मुकदमे की तैयारी

हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है और भारतीय अदालत के सामने उसके पेश होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। जांच एजेंसी पहले वारंट को औपचारिक माध्यम से पाकिस्तान भेज सकती है और उसके प्रत्यर्पण या भारत को सौंपे जाने का अनुरोध कर सकती है।

इन प्रक्रियाओं के पूरा नहीं होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 356 के तहत आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। हालांकि, ट्रायल इन एब्सेंशिया शुरू करने से पहले आरोपी को घोषित अपराधी करार देने सहित निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा।

पहली चार्जशीट में कौन-कौन थे आरोपी?

NIA ने दिसंबर 2025 में दाखिल अपनी पहली चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा, उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट और छह लोगों को आरोपी बनाया था। इनमें तीन पाकिस्तानी आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल थे। ये तीनों जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे।

चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद सैफुल्ला जट्ट और दो स्थानीय आरोपियों—बशीर अहमद और परवेज अहमद—का नाम भी शामिल किया गया था। NIA का आरोप है कि पहलगाम हमले की योजना, निर्देशन और नियंत्रण पाकिस्तान से किया गया था। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

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